बांदा। गैंगरेप के चर्चित मामले की पीड़िता शीलू निषाद को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मिली सुरक्षा में स्थानीय पुलिस प्रशासन कटौती कर रहा है। शीलू ने खुद को खतरा बताते हुए पुलिस उच्चाधिकारियों और सुप्रीम कोर्ट चीफ जस्टिस के यहां शिकायत भेजी है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शीलू निषाद को 24 घंटे सख्त पुलिस की सुरक्षा मिली है। उसके गांव शाहबाजपुर में रात-दिन एक महिला दरोगा और चार महिला कांस्टेबिल तथा एक पुरुष दरोगा और चार पुलिस कांस्टेबिल तैनात किए गए थे। शुक्रवार को शीलू ने बताया कि उसकी सुरक्षा में तैनात महिला दरोगा और चारों महिला कांस्टेबिल हटा लिए गए हैं। पुलिस दरोगा भी नहीं है। मात्र एक दीवान और दो सिपाही ही सुरक्षा हैं। शीलू ने बताया कि पुलिस अधीक्षक आरपी पांडेय और डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी से पूर्व जैसी पूरी सुरक्षा का अनुरोध किया है। एसपी ने इस मामले को देखने की बात कही। डीआईजी ने एसपी से बात करने का आश्वासन दिया।
उधर, इस मामले में अपर पुलिस अधीक्षक आशुतोष शुक्ल ने बताया कि नवरात्र तक देवी मंदिरों में महिला पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा पंचायत चुनाव में भी पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगी है। इसलिए शीलू की सुरक्षा में लगाई गई पुलिस सुरक्षा को कम किया गया है। अपर एसपी ने कहा कि इस बारे में हाईकोर्ट को भी लिखित सूचना भेजी जा चुकी है।