बांदा। सपा से लेकर भाजपा सरकार में अपने बेबाक सवालों के लिए सरकारों की किरकिरी बने रहे ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य 26 मई (मंगलवार) को बांदा आ रहे हैं। कुंभ मेले के दौरान उन्हें गंगा स्नान से रोकने व धरने में बैठने से लेकर यौन शोषण के आरोपों में घिरे शंकराचार्य आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं।
सरकार की नीतियों से आक्रोशित शंकराचार्य ने गोमाता को राष्ट्र माता घोषित कराने के संकल्प के साथ जनजागरण अभियान शुरू किया है। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज मंगलवार शाम पांच बजे बांदा आकर अलीगंज स्थित रामलीला मैदान गणेश भवन में धर्म सभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद वह 27 मई को फतेहपुर के लिए प्रस्थान कर जाएंगे।
शंकराचार्य के इस जनजागरण का असर आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव में पड़ सकता है। लिहाजा सत्तारूढ़ भाजपा काफी चौकन्ना है। कार्यक्रम को फ्लॉप करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। सूत्रों के अनुसार तो भाजपा ने संगठन से आस्था रखने वाले संतों व कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को इस धर्म सभा से अलग रहने को कहा है। जबकि समाजवादी पार्टी व समाजसेवी सहित राष्ट्र व गोमाता भक्त कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत लगाए हैं।