बांदा। चित्रकूटधाम मंडल में सात वृहद गो संरक्षण केंद्र/गोवंश वन्य विहार और बनेंगे। इसके पहले आठ गोवंश विहार खोले गए थे। प्रत्येक संरक्षण केंद्र की लागत 1.20 करोड़ है। शासन ने 8.40 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। नए सात गोवंश संरक्षण केंद्र शुरू होने के बाद मंडल में अस्थायी और स्थायी गोवंश आश्रय स्थलों की संख्या बढ़कर 1016 हो जाएगी।
वर्ष 2018-19 में मंडल के चारों जिलों में नगर निकाय व ग्राम पंचायत स्तर पर 957 अस्थायी गोवंश स्थल, 60 गो संरक्षण केंद्र व 13 कान्हा पशु और 23 अन्य स्थायी पशु आश्रय स्थल खोले गए थे। पशु पालन विभाग का दावा है कि मौजूदा समय में आश्रय स्थलों में लगभग 1.10 लाख अन्ना मवेशी संरक्षित किए गए हैं।
अब शासन ने मंडल में 8 और गोवंश संरक्षण केंद्र/गोवंश वन्य विहार की मंजूरी दी है। इनमें बांदा में तीन, महोबा और चित्रकूट में 2-2 आश्रय केंद्र शामिल हैं। इसके लिए 8.40 करोड़ राशि स्वीकृत कर दी गई है। प्रत्येक वन्य विहार की क्षमता 500 पशुओं की होगी। एक हेक्टेयर क्षेत्रफल में बनने वाले वन्य विहार में 3500 वर्ग फुट के चार टिनशेड समेत चरही, कटिया मशीन, ट्यूबवेल, 5000 लीटर क्षमता के दो पानी की टंकी आदि व्यवस्था रहेगी।
यहां बनेंगे गो वन्य विहार
बांदा में जसपुरा ब्लाक के सिंधन कलां गांव, अतर्रा के सिपरी व बड़ोखर खुर्द के कनवारा, महोबा में जैतपुर ब्लाक के बुधवारा व चरखारी के सूपा और चित्रकूट में मानिकपुर ब्लाक के चुरेह केसरूआ व मऊ ब्लाक के करईया डाड़ी गांव शामिल हैं।
गोवंश वन्य विहार के निर्माण के लिए धनराशि कार्यदाई संस्थाओं को भेज दी गई है। जल्द निर्माण शुरू कराया जाएगा। -मनोज अवस्थी,
उपनिदेशक पशुपालन, चित्रकूटधाम मंडल, बांदा।