गुरेह गांव में खलिहान में अन्ना गायों का डेरा।
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बुंदेलखंड में लोगों की परेशानी का सबब बने अन्ना मवेशी चारा-भूसा और पानी की कमी से मौत के मुहाने पर पहुंच रहे हैं। बड़ोखर ब्लॉक के गुरेह गांव में दो दिन में सात गायों की भूख-प्यास और ठंड से मौत हो गई। इनकी मौतों का जब खुलासा हुआ, तब तक कई के शव पक्षियों और कुत्तों ने नोच डाले थे।
बड़ोखर ब्लॉक के गुरेह गांव रविवार सुबह सात गायों की मौत की खबर ने खलबली मचा दी। लोग उस खलिहान की ओर दौड़ पड़े, जहां करीब सौ अन्ना गायों संग गोवंशों ने भी डेरा डाल रखा है। खलिहान के चारों ओर तारबाड़ है। यहां गायों के लिए चारा-पानी और ठंड से बचाव के लिए छांव आदि की कोई व्यवस्था नहीं है।
खलिहान में बंद भूख-प्यास से बेसहारा गायें और गोवंश ठंड नहीं बर्दाश्त कर पा रहे। तीन गायों और तीन बछड़ों की मौत शनिवार की रात हो गई, जबकि एक गाय की मौत कई दिन पूर्व होने की बात कही जा रही है। ग्रामीणों ने मवेशियों के शव देखे तो सभी का कलेजा मुंह को आ गया। आंखों से आंसू भी निकले, लेकिन चेहरों पर लाचारी के भाव भी उभरे। उन्होंने राजस्व कर्मियों को इसकी सूचना दी।
रविवार छुट्टी का दिन था। इसलिए कोई अधिकारी या कर्मचारी नहीं आया। प्रधान के पति राम किशोर उर्फ बुद्दा ने मौके पर जाकर हालात देखे। एसडीएम सदर थमीम अंसरिया ने बताया कि गायों और गोवंशों की मौत की जानकारी नहीं है। किसी अधिकारी को भेजकर जानकारी करवाई जाएगी। गौरतलब हो कि जिले में राजस्व विभाग की आठ और स्थानीय निकायों की तीन गोशालाएं हैं। गांवों में लगभग एक दर्जन निजी गोशालाएं भी हैं, पर किसी में भी चारा-भूसा, पानी की नियमित व्यवस्था नहीं है।