सपा ने प्रदेश के राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर कानून व्यवस्था, अन्ना जानवर व सिंचाई आदि मुद्दों की ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए कार्रवाई की मांग की है। बुधवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को भेजे ज्ञापन में कहा है कि भाजपा सरकार में कानून व्यवस्था ध्वस्त है। अराजकता का माहौल है।
सरकारी अधिकारी और कर्मचारी भाजपाइयों से महफूज नहीं हैं। खनिज अधिकारी के साथ हुई घटना इसकी ताजी बानगी है। 20 दिन पहले शहर से व्यापारी का अपहरण हुआ है। आज तक पता नहीं चला। पूरे बुंदेलखंड में अन्ना जानवरों से किसान परेशान हैं। गोशालाओं की घोषणाएं खोखली हैं। नहर न चलने से धान सूख रहा है। रबी फसल भी नहीं बोई जा पा रही। ज्ञापन देने वालों में सांसद विशंभर प्रसाद निषाद, जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी, उपाध्यक्ष लाखन सिंह, पूर्व प्रदेश सचिव हसनुद्दीन सिद्दीकी, अशोक सिंह गौर, प्रदीप यादव, मनोज वर्मा, दिनेश कुमार शर्मा दिन्ना, वृंदावन वैश्य, मुशीर अहमद फारुकी, मनीष तिवारी, सुशील त्रिवेदी, अवधनरेश यादव, बारातीलाल प्रजापति, मौला बख्श मंसूरी, ओमनारायण त्रिपाठी, अमित गुप्ता मनीष, पीयूष गुप्ता, सलीम वारसी, विष्णु पांडेय, वीरेंद्र निषाद आदि शामिल रहे।
सपाइयों ने एक अन्य ज्ञापन राष्ट्रपति को भेजकर गुजरात में यूपी व बिहार के लोगों पर हो रहे अत्याचार और लूटपाट पर गुजरात की भाजपा सरकार को बर्खास्त करने, ईंधन के दाम कम करने, प्रधानमंत्री आवासों में धांधली की जांच, सभी पात्रों को राशन कार्ड, महंगाई पर लगाम आदि की मांगें कीं।