मतदाता सूची परिशोधन एवं प्रमाणीकरण कार्यक्रम के तहत 12 अप्रैल को सभी बूथों में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी ने सेक्टर अधिकारी नामित किए हैं।
सुबह 10 से शाम पांच बजे तक बीएलओ बूथों पर मुस्तैद रहेंगे। सेक्टर अधिकारियों में तिंदवारी विधानसभा क्षेत्र में जिला विकास अधिकारी, बीडीओ जसपुरा व तिंदवारी, सहायक निदेशक (मत्स्य) व सहायक परियोजना प्रबंधक शामिल हैं।
बबेरू में सहायक आबकारी आयुक्त, जिला पूर्ति अधिकारी, बीडीओ बबेरू व कमासिन, जिला उद्यान अधिकारी, उप निदेशक मंडी (निर्माण), उप निदेशक कृषि व जिला कार्यक्रम अधिकारी (बाल विकास) नामित किए गए हैं।
नरैनी विधानसभा क्षेत्र में डीपीआरओ, बीडीओ नरैनी, अधिशासी अभियंता (लघु डाल नहर खंड), पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड-दो, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका (अतर्रा), उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी (अतर्रा), एएमए (जिला पंचायत) व उप निदेशक कृषि रक्षा सेक्टर अधिकारी होंगे।
सदर विधानसभा क्षेत्र में जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका (बांदा), एबीएसए नगर क्षेत्र, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, बीडीओ बिसंडा व महुआ और डीआईओएस नामित किए गए हैं।
मतदाता सूची मिलान में ढिलाई
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूचियों का ब्योरा अभी तक किसी भी ग्राम पंचायत से बीएलओ द्वारा उपलब्ध नहीं कराया गया। पंचायत चुनाव में मतदाताओं की डुप्लीकेसी रोकने के लिए सभी बीएलओ को पिछले पंचायत चुनाव और विधान सभा चुनाव की मतदाता सूची का मिलान कर 10 अप्रैल तक डाटा उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं।
इसके लिए 300 मतदाताओं पर एक बीएलओ तैनात किया गया है। न्याय पंचायत स्तर पर निगरानी को पर्यवेक्षक बनाए गए हैं। इसके बावजूद अभी तक प्रारूप तैयार करने का काम कछुआ चाल रेंग रहा है।
उधर, पंचस्थानिक निर्वाचन विभाग ने 10 लाख 50 हजार मतदाताओं के वृहद पुनरीक्षण का कार्यक्रम घोषित किया है। इसमें एक बीएलओ को 1500 मतदाताओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है। न्याय पंचायत स्तर पर दो पर्यवेक्षक तैनात होंगे।