बांदा। महुआ ब्लाॅक की ग्राम पंचायत छिबांव और तेरा में तैनात सचिव ने पति की फर्म को भुगतान कर दिया था। शासन के निर्देश पर बीडीओ की अध्यक्षता वाली टीम ने जांच की। दोषी पाए जाने पर सचिव को पति की फर्म को किया गया भुगतान वापस लेना पड़ा।
ग्राम पंचायत तेरा और छिबांव में तैनात ग्राम विकास अधिकारी शैफाली मिश्रा ने डोंगल बनवाने के नाम पर ग्राम पंचायत तेरा से 10 हजार और छिबांव ग्राम पंचायत से 15 हजार का भुगतान अपने पति की फर्म शिवम अग्निहोत्री हब के नाम पर किया था। अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित की तो शासन ने मामले को संज्ञान में लेते हुए आयुक्त ग्राम विकास को जांच के आदेश दिए थे।
महुआ बीडीओ दुर्गा प्रसाद प्रजापति और एडीओ (आईएसबी) वीर सिंह की टीम ने मामले की जांच की। उन्होंने अपनी आख्या में बताया कि जांच में भुगतान की बात सही मिली है। ग्राम विकास अधिकारी ने पैसा चेक के जरिए दोनों ग्राम पंचायतों में वापस कर दिया है। इसकी रिपोर्ट ग्राम विकास आयुक्त को भेज दी गई है।