महाराणा प्रताप चौक में चिल्ला रोड पर जल भराव से गुजरते वाहन।
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बांदा। सावन के पहले ही दिन मेघ जमकर बरसे। रात में बारिश की शुरुआत हुई तो रुककर दूसरे दिन शाम तक चली। तेज गर्जना के साथ यह सीजन की पहली सबसे ज्यादा बारिश है। गांवों में जहां वर्षा से किसानों में खुशी झलकी। वहीं, शहर में नाले-नालियां उफना गए। हाईवे, कार्यालयों से लेकर गलियों व सड़कों में जल भराव हो गया। मौसम विभाग ने दो दिन भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
जनपद में इस वर्ष मानसून ने समय से सप्ताह भर पहले दस्तक दे दिया था, लेकिन जून माह में सिर्फ 92 मिलीमीटर बारिश हुई। वहीं जुलाई माह में दस दिनों में अभी तक 173 मिलीमीटर वर्ष हो चुकी है। इधर, गुरुवार की शाम से ही बादलों ने जता दिया था कि अब झमाझम बारिश होगी। रात में 10 बजे से तेज वर्षा शुरू हुई, जो रुक-रुककर पूरी रात होती रही। शुक्रवार को सुबह से बादल छाए रहे। बीच-बीच बूंदाबांदी होती रही। दोपहर दो बजे करीब दस मिनट तक तेज वर्षा हुई।
इसके बाद तीन बजे से झमाझम बारिश हुई तो एक घंटे तक नहीं थमी। कुछ देर रुकने के बाद शाम पांच बजे से तेज गर्जना के साथ जमकर पानी बरसा। इससे जहां शहर में जगह-जगह जल भराव हो गया। चिल्ला रोड में महाराणा प्रताप चौक में हाईवे पर घुटनों तक पानी भर गया। इसके अलावा जीजीआईसी मैदान, बिजली विभाग के पीलीकोठी कार्यालय सहित अन्य कई दफ्तर पानी से लबालब हो गए। लोगों को आवागमन में दिक्कतें उठानी पड़ीं। उधर, धान की रोपाई में जुटे किसानों के चेहरे खिल उठे। किसानों का कहना है कि धान की रोपाई हो सकेगी।