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स्कूटी सवार युवक को ट्रैक्टर ने रौंदा, मौत

Wed, 22 Nov 2017 12:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो बांदा
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घटनास्थल में जाम लगाए भीड़। - फोटो : amarujala
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बिना हेलमेट कानों में ईयरफोन लगाकर स्कूटी से जा रहा युवक बाइक से टकराकर गिर गया। उसी समय गिट्टी से भरे ट्रैक्टर ट्राली से कुचलकर उसकी वहीं पर मौत हो गई। घटना से उत्तेजित लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया। पौन घंटे तक बांदा-टांडा हाईवे पर आवागमन ठप रहा। पुलिस ने आनन-फानन में बिना सील किए ही शव को ट्रैक्टर ट्राली पर रखवाकर अस्पताल भेज दिया। इसके बाद जाम खुला। ट्रैक्टर चालक पुलिस की हिरासत में है। परिजनों ने ट्रैक्टर चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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देहात कोतवाली क्षेत्र के महोखर गांव का विनोद कुशवाहा (24) पुत्र रामेश्वर मंडी समिति के सामने बाइक मरम्मत की दुकान किए था। मंगलवार दोपहर को वह स्कूटी से पार्ट्स खरीदने कालूकुआं चौराहा जा रहा था। इंदिरा पेट्रोल पंप के नजदीक सामने से आ रही बाइक से उसकी स्कूटी टकरा गई। विनोद सड़क पर गिर गया। तभी कालू कुआं से तिंदवारी बाईपास की तरफ जा रहे गिट्टी से भरे तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उसे रौंद दिया। हादसे के बाद चालक ट्रैक्टर समेत भाग निकला। हालांकि उसे कुछ दूरी पर पुलिस ने पकड़ लिया। सूचना पर विनोद के परिजन भी आ गए। परिजनों और आसपास के लोगों ने घटनास्थल पर शव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया।

उधर, कोतवाली प्रभारी डीपी तिवारी, कालूकुआं चौकी प्रभारी अशोक निगम भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचे लेकिन उत्तेजित परिजनों ने पुलिस को शव नहीं उठाने दिया। पुलिस की झड़प भी हुई। पुलिस ने चालाकी दिखाते हुए यह कहकर शव को उठा लिया कि अभी शायद जिंदा है अस्पताल ले जाना है। इस पर परिजन और जाम लगाए लोग बैकफुट पर आ गए। पुलिस ने बिना पंचनामा और सील किए शव को दूसरे ट्रैक्टर ट्राली पर लादकर अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद जाम खुला। एहतियात के तौर पर घटनास्थल में पुलिस तैनात कर दी गई। अस्पताल से शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। देर शाम विनोद के भाई बाबूलाल की तहरीर पर ट्रैक्टर चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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पुलिस के वाहन में चालक की पिटाई
घटना के बाद भाग निकले ट्रैक्टर को यूपी-100 ने लगभग दो किलोमीटर दूर बाईपास के पास पकड़ लिया। चालक को पुलिस ने अपने वाहन में बैठा लिया और घटनास्थल पर ले आई। उसे देखते ही परिजन और उनके साथी भड़क उठे और चालक को पुलिस के वाहन से बाहर खींचने की कोशिश की और उसकी जमकर पिटाई की। पुलिस ने बमुश्किल भीड़ से उसे बचाया और अपने वाहन से लेकर वहां से चली गई। उधर, परिजनों ने बताया कि जिला अस्पताल में चौकी इंचार्ज ने विनोद के दोस्तों के साथ अभद्रता करते हुए जेल भेजने की धमकी दी है।



यातायात माह में भी असुरक्षित यात्रा
यातायात माह में स्कूल-कालेजों में रोजाना ट्रैफिक पुलिस द्वारा छात्र-छात्राओं और आम लोगों को सुरक्षित यात्रा के तरीके बताने के बावजूद वाहन चालक अपनी जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। मंगलवार को स्कूटी सवार युवक की मौत भी कुछ ऐसी ही परिस्थितियों में हुई। वह कान में ईयरफोन लगाकर स्कूटी चला रहा था। शायद इसी वजह से उसे ट्रैक्टर के आने की आहट न सुनाई पड़ी हो। सिर पर हेलमेट भी नहीं था। सिर पर भी गंभीर चोटें आईं और नाक-कान व मुंह से भारी मात्रा में खून बहा। दूसरी तरफ यातायात माह में भी शहर में बालू और गिट्टी जैसे खनिज ढोने वाले ट्रैक्टरों पर पुलिस की लगाम नहीं लग पा रही। खेती-किसानी के नाम पर खरीदे गए ट्रैक्टर खुलेआम भाड़े का कारोबार कर रहे हैं। साथ ही राहगीरों की मौत के सौदागर साबित हो रहे हैं। वसूली में जुटी पुलिस इन पर सख्ती बरतने में नाकाम साबित हो रही है।
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