बांदा। अंतरराष्ट्रीय चावल संस्थान के वैज्ञानिकों ने कृषि विश्वविद्यालय का भ्रमण किया। धान उन्नयन परियोजना के तहत धान की खेती में लागत कम करने, फसल गुणवत्ता को बढ़ाने और खरपतवार प्रतिरोधी प्रजातियों का मूल्यांकन किया। अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान के दल में फिलीपींस के दो वैज्ञानिक डॉ. सी. वेंकटेश्वर लू , धान प्रजनक व डाॅ. आशीष नल्ल मौजूद रहे।
मंडल के बांदा, चित्रकूट में सर्वाधिक धान की फसल होती है। धान की खेती में लागत कम करने, फसल गुणवत्ता को बढ़़ाने, कम अवधि एवं खरपतवार प्रतिरोधी प्रजातियों के विकास के लिए धान की विभिन्न प्रजातियाें का मूल्यांकन किया जा रहा है। कहा कि ऐसी प्रजाति का इस्तेमाल किया जाए जिसमें सूखा रोधि, बीमारी रोधिता, पोषण गुणवत्ता हो। ताकि कम लागत में कम समय में अच्छी उपज हो सके। (संवाद)प