बांदा। मिशन कायाकल्प से परिषदीय विद्यालयों को 14 सुविधाओं से सुसज्जित करने की मुहिम यहां परवान नहीं चढ़ पा रही। कुछ सुविधाएं तो मुहैया हो गईं, पर कुछ नदारद हैं। बच्चे अब भी पुराने शौचालयों और हैंडपंपों से पानी पी रहे हैं। स्कूल भवन की दीवारें चटक गईं। छतों के प्लास्टर उखड़े पड़े हैं। बड़ोखर ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय, महोखर भाग एक और भाग दो में कमोवेश यही हालात हैं।
दो वर्ष पूर्व लागू हुई इस योजना से अभी भी अधिकांश विद्यालयों का कायाकल्प नहीं हुआ है। शहर मुख्यालय से मात्र 8 किलोमीटर दूर पूर्व माध्यमिक विद्यालय, महोखर भाग एक (कंपोजिट) में दो विद्यालय कक्षा एक से पांच और कक्षा 6 से 8 संचालित हैं। विद्यालय के प्रवेश द्वार पर दिव्यांग रैंप की फर्श उखड़ी पड़ी है। छत का प्लास्टर भी उखड़ गया है। दीवारें चटकी हैं। कक्षों में टाइल्स लगा दिए गए। यहां दोनों विद्यालयों को मिलाकर 411 बच्चे पंजीकृत हैं। शौचालय पुराने बने हैं। आधुनिक रसोई नहीं बनी।
मिड-डे मील चूल्हे में ही बन रहा है। स्वच्छ पेयजल की यूनिट निर्माणाधीन है। इसी तरह पूर्व माध्यमिक विद्यालय, महोखर भाग दो में दो स्कूल संचालित हैं। यहां पुराने जर्जर शौचालयों को प्रधानाध्यापक ने बंद करा दिया है। बच्चे प्राथमिक पाठशाला में बने शौचालयों का उपयोग कर रहे हैं। कक्षों में लगे टाइल्स उखड़ गए हैं। यहां 343 बच्चे पंजीकृत हैं। कक्षाओं में आधुनिक ब्लैक बोर्ड नहीं हैं। विद्यालय में लगे हैंडपंप से गंदा बदबूदार पानी आता है।
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मिशन कायाकल्प के 14 बिंदु---
स्वच्छ पेयजल, बालक-बालिका व दिव्यांगों को शौचालय व मूत्रालय, रंगाई-पुताई, रसोईघर, शौचालयों में जल आपूर्ति, हैंडवॉश, दिव्यांग रैंप, विद्युतीकरण, ब्लैक बोर्ड, कक्षावार टॉइल्स आदि।
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फोटो परिचय-8-मिथलेश तिवारी
कायाकल्प योजना से विद्यालय में रंगाई-पुताई और कक्षों में टॉइल्स का काम हो चुका है। शुद्ध पेयजल और हैंडवॉश के लिए टंकी की व्यवस्था तथा शौचालय और रसोईघर का निर्माण चल रहा है। अन्य सुविधाएं विद्यालय में पहले से ही हैं।
- कुमारी मिथलेश तिवारी, इंचार्ज प्रधानाध्यापक, महोखर भाग एक
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फोटो परिचय-9-रेखा रानी तिवारी
छह माह पहले लगे टॉइल्स टूट रहे हैं। बालक-बालिका शौचालय पुराने और जर्जर हैं। इन्हें बंद कर दिया गया है। नए शौचालय कायाकल्प योजना से बनेंगे। फिलहाल काम शुरू नहीं है। सबमर्सिबल पंप लगा है। पीने के पानी के लिए टंकी है।
- रेखा रानी तिवारी, इंचार्ज प्रधानाध्यापक, महोखर, भाग दो
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बड़ोखर ब्लॉक के 200 में से 120 विद्यालयों को मिशन कायाकल्प से सुसज्जित किया गया है। शेष में काम चल रहा है। जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
- जगत सिंह राजपूत, एबीएसए, बड़ोखर खुर्द
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फोटो परिचय-10-बाबू यादव
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पीने के पानी की व्यवस्था का अभी कोई कायाकल्प नहीं हुआ है। हम सभी बच्चों को हैंडपंप से ही प्यास बुझाने पड़ रही है। अक्सर हैंडपंप खराब हो जाता है, लेकिन हमें घर जाकर ही पानी मिलता है। शौचालय भी नए नहीं बने हैं। टीचर बता रहे हैं कि जल्द बनेंगे। फर्श में टॉइल्स लग जाने से बैठने में मजा आ रहा है।
- बाबू यादव, कक्षा छह, राजनंदिनी दीपांकर कक्षा पांच