बांदा। पीपीएफ कटौती सहित कई अन्य समस्याओं के समाधान न होने पर भड़के सफाई कर्मियों ने प्रदर्शन किया। प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन भेजा। इसके बाद क्रमिक अनशन शुरू कर दिया। बताया कि दस साल से सफाई कर्मियों को यूनिफार्म नहीं दी गई। शीघ्र मांगें पूरी न होने पर 26 दिसंबर से आमरण अनशन की चेतावनी दी।
सोमवार को जुलूस की शक्ल में नगर पालिका और नगर पंचायतों के सफाई कर्मी कलक्ट्रेट पहुंचे। 10 सूत्री मांग पत्र प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। मुख्य मांग पीपीएफ कटौती की राशि खातों में न जमा करने और संबंधित विवरण कर्मचारियों को उपलब्ध न कराने की रही।
इसके अलावा शासन से निर्धारित 20 दिन वार्षिक अवकाश न दिए जाने, धुलाई, सफाई, झाड़ूू भत्ता न देने, ठंड में एक पाली में कार्य लेने और वर्ष 2015 से आउटसोर्सिंग सफाई कर्मियों का बढ़ा मानदेय इसी माह से दिलाने की मांग की। नगर पालिका व पंचायतों में सौतेला व्यवहार का भी आरोप लगाया।
ज्ञापन के बाद संघ के बैनर तले सफाई कर्मियों ने बांदा नगर पालिका गेट के पास क्रमिक अनशन शुरू कर दिया। चेतावनी दी कि पांच दिनों में मांगें पूरी नहीं हुईं तो क्रमिक अनशन आमरण अनशन में तब्दील हो जाएगा। ज्ञापन और अनशन में गीता, रंजीत, विनोद, रामसजीवन, छोटेलाल, राजेश कुमार, रामबाबू आदि सफाई कर्मी मौजूद रहे।