जयंती पर मंगलवार को महान पुरुष संत रविदास याद किए गए। उनके चित्र पर फूल चढ़ाकर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। उनका प्रसिद्ध दोहा ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ है।
जिला कांग्रेस और राष्ट्रीय स्वराज पैंथर कार्यालयों में गोष्ठियों में उन्हें समाज में अंधकार दूर करने वाली शख्सियत बताया गया। जिला कांग्रेस कार्यालय में अध्यक्ष अखिलेश शुक्ल ने कहा कि संत ने भारतीय समाज में एक रूपता स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूर्व विधायक रामेश्वर प्रसाद ने कहा कि संत केवल मानव कल्याण के लिए जन्म लेते हैं।
उपाध्यक्ष एमयू दुर्रानी ने कहा कि संत रविदास ने संप्रदायवाद को खत्म कर अखंड भारत के निर्माण नींव रखी। रामरतन समुद्रे, राममिलन सिंह पटेल ने भी संबोधित किया। राजेश गुप्ता पप्पू सहित पंकज सिंह हरिओम,हरिश्चंद्र वाजपेयी, धर्मेश सिंह, पिप्पी चौरसिया, रामऔतार श्रीवास, राजकुमार गर्ग, रफत खां गोगा, दिनेश गुप्ता, जहांगीर खां, शब्बीर सौदागर, संजय ठाकुर, जयकिशोर गुप्त, वारिस अली, नोमान फारुकी, शिव प्रसाद निगम, शिव प्यारी आदि शामिल रहे।
उधर, राष्ट्रीय स्वराज पैंथर अध्यक्ष मुन्नालाल दिनकर की अध्यक्षता में बिजली खेड़ा स्थित कार्यालय में रविदास जयंती मनाई गई। चित्र पर फूल चढ़ाए। दिनकर ने कहा कि जिस श्रम को समाज में ह्ेय दृष्टि बना रखा था संत रविदास ने उन्हें गरिमा और प्रतिष्ठा दी। उनके जीवन से सामाजिक प्रतिष्ठा का संदेश मिलता है।
महासचिव राजबहादुर सिंह कुशवाहा और आशा राम वर्मा तथा बुंदेलखंड उपाध्यक्ष रामबहादुर सिंह भारतीय ने भी गोष्ठी संबोधित की। जिलाध्यक्ष बाबू उर्फ नब्बू शाह, शहर अध्यक्ष वीरभवन कोटार्य, देशराज कोटार्य, राजाराम कोटार्य, रामगोपाल वर्मा, कमल सोनी, सरजू यादव, कुलदीप सिंह, धर्मेंद्र वर्मा, अजय करन आदि शामिल रहे।
हिंदू जागरण मंच जिलाध्यक्ष डॉ. दिनेश कुमार ने साहू आवास में संत रविदास की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। अभयराज वर्मा ने कहा कि संत ने पूरे समाज को एक माले में पिरोने का कार्य किया। इंद्रेश सोनी, अंकित गुप्ता, गणेश दत्त शुक्ला, अजय वर्मा, कमलेश वर्मा, लखनची सोनकर, मेघनाथ वर्मा, पन्नालाल, नीरज त्रिपाठी, किशोर कुमार वर्मा आदि मौजूद रहे।