भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय सचिव रवींद्र सिंह
(आईएएस) ने सोमवार को कलेक्ट्रेट और पुरातत्व महत्व की ऐतिहासिक नवाबी जामा
मसजिद का निरीक्षण किया। कालिंजर दुर्ग और रामनगर गांव में भी भ्रमण किया।
केंद्रीय
सचिव सुबह ट्रेन से दिल्ली से यहां पहुंचे। कुछ देर बाद कालिंजर के लिए
प्रस्थान कर गए। कालिंजर प्रतिनिधि के मुताबिक दुर्ग के नीलकंठेश्वर मंदिर
में पूजा की।
कोटि तीर्थ तालाब, रामकटोरा तालाब, बुड्ढा-बुड्ढी
तालाब, सीता कुंड और अमान सिंह संग्रहालय देखा। यहां के बाद रामनगर निस्फ
गांव का भ्रमण किया। प्राथमिक विद्यालय में मिड-डे मील, बच्चों की ड्रेस और
शौचालय का निरीक्षण किया।
नरैनी प्रतिनिधि के मुताबिक केंद्रीय
सचिव ने नरैनी में तहसील, ब्लाक और सीएचसी का निरीक्षण किया। उन्होंने
बताया कि 1980 में वे यहां ज्वाइंट मजिस्ट्रेट थे। कुछ पुराने अधिवक्ताओं
से मुलाकात भी की। बीडीओ से मनरेगा, जन-धन योजना आदि की जानकारी ली।
सीएचसी
में अधीक्षक डॉ. एके सिंह से कहा कि अस्पताल भवन और परिसर को साफ-सुथरा
कराने की जरूरत है। एसडीएम सुधीर कुमार और नायब तहसीलदार फूलचंद्र उपस्थित
थे।
दोपहर बाद केंद्रीय सचिव ने बांदा की नवाबी ऐेतिहासिक जामा
मसजिद देखी। यह पुरातत्व विभाग की संरक्षित इमारत है। मजसिद के बाहर तीनों
तरफ अतिक्रमण देख कर क्षोभ जताते हुए कहा कि इसे हटाने के लिए कार्रवाई की
जाएगी।
मसजिद के इर्दगिर्द खाली भूमि पर फूल-पौधे लगाने के निर्देश
पुरातत्व विभाग अधिकारियों को दिए। मसजिद मुतवल्ली शेख सादी जमां भी
उपस्थित थे। उन्होंने केंद्रीय सचिव को जामा मसजिद के बारे में जानकारी दी।
केंद्रीय सचिव ने कलेक्ट्रेट का निरीक्षण किया।
नजूल
लिपिक, शस्त्र लिपिक, न्याय सहायक, भूमि लिपिक आदि से उनके कामों के बारे
में जानकारी ली। चकबंदी प्रक्रिया शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। रिकार्ड
रूम भी देखा। प्रशासनिक अधिकारी सईद अहमद ने बताया कि अभिलेखागार भवन काफी
पुराना और जर्जर हो चुका है।
इस अवसर पर एडीएम दयाशंकर पांडेय,
सिटी मजिस्ट्रेट कृपाशंकर पांडेय, प्रभारी सीडीओ श्रीकृष्ण त्रिपाठी,
भारतीय पुरातत्व विभाग के डॉ. पीके मिश्रा भी उपस्थित थे।