बांदा। मेडिकल कॉलेज पहुंचा माफिया का बेटा उमर अंसारी भी स्थानीय प्रशासन पर जमकर बरसा। उसका कहना था कि इंसानियत भी कोई चीज होती है। पुलिसिया कार्रवाई और डंडा तो ठीक है, लेकिन 900 किलोमीटर की दूरी तय करके आया था, उसे अपने पिता को शीशे से भी देखने नहीं दिया गया। उसे कानून पर भरोसा है। यहां तो रक्षक ही भक्षक बने हुए हैं। ठीक है कोई बात नहीं है, 2024 दूर नहीं है। भावुक होकर उमर ने कहा कि 26 साल की उम्र में करीब 25 साल अपने पिता से दूर रहा हूं, हमने कभी ईद और बकरीद की खुशियां नहीं मनाई। बिना पिता के कैसे कोई खुशी मना सकता है। आज यह हालात देखने पड़ रहे हैं कि बुलवाने पर भी पिता से नहीं मिलने दिया जा रहा है। कोई कहता है डीएम से बात कर लो तो कोई एसपी से मिलने की बात कहता है। लोग जान लें कि मौत और जिंदगी का मालिक सिवाय अल्लाह के कोई नहीं है। जब वहां से परवाना कट जाएगा तो कोई बचा नहीं सकता है।
कहा कि इससे पहले भी पिता को जेल में जहर दिया गया था और वह लखनऊ पीजीआई में भर्ती हुए थे। वहां से फिर उन्हें वापस बांदा जेल में ही लाकर डाल दिया गया। जब सबकुछ जेल प्रशासन को ही करना है, उन्हें ही रखना और खाना देना है मतलब जब रक्षक ही भक्षक बन जाएगा तो कोई क्या करेगा, लेकिन लोग यह भी जान ले कि बचाने वाला अल्लाह है। हम तो यह चाहते हैं कि वह न्यायिक अभिरक्षा में हैं और सुरक्षित रहें। आखिरी तक उमर ने 2024 का मतलब स्पष्ट नहीं किया, सिर्फ इतना ही कहा कि सबकुछ लोगों के सामने हैं और सामने आएगा भी।
सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री से भी मिलेंगे
सांसद अफजाल अंसारी ने बताया कि इस वक्त सूबे के मुखिया गोरखपुर स्थित मंदिर के होली कार्यक्रम में व्यस्त हैं। लिहाजा उनसे मुलाकात संभव नहीं है, लेकिन वह उनसे मिलकर जेल प्रशासन की लापरवाही की बात उनके सामने जरूर रखेंगे।