बांदा। पीलीकोठी स्थित गुरुद्वारे में शुक्रवार को संत चेतनदास का 53वां निर्वाण महोत्सव मनाया गया। सिखों ने गुरु ग्रंथ साहिब पर रुमाला साहिब चढ़ाया और अरदास किया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने लंगर छका।
पीलीकोठी गुरुद्वारा में कानपुर आश्रम से आए संत प्रेम प्रकाश का स्वागत किया। संत भोलाराम ने सत्संग में कहा कि दोष दूसरों के नहीं, अपने देखें। उन्होंने महात्मा बुद्ध और सूरदासजी का प्रसंग भी सुनाया।
कहा कि ‘जितने कण रेत के, उतने अवगुण मोहि, कहि टेऊं गुरु बक्श ले शरण पड़ा हूं तोहि’। संत अमरलाल ने कहा कि संत हर द्वादशी को गरीबों का भंडारा करते थे।
बाकी दिन जरूरत मंदों को सत्तू का भोजन कराते थे। सबने गुरु ग्रंथ साहिब पर रुमाला साहिब चढाया। सुख शांति के लिए अरदास की गई। श्रद्धालुओं ने संत जी चरणों में माथा टेका और भोजन भंडारे में भोजन प्रसादी का आनंद लिया।