बांदा। तकनीकी गड़बड़ी से ऐन मौके पर अचानक रद्द हुई झांसी पैसेंजर ट्रेन के यात्रियों ने स्टेशन अधीक्षक कार्यालय में हंगामा किया। उनका कहना था कि निरस्तीकरण की सूचना 4-6 घंटे पहले दी जाना चाहिए थी। ठंड में यात्री स्टेशन आ गए तब सूचना दी गई।
स्टेशन अधीक्षक केके कुशवाहा का कहना है कि ट्रेन के मोटर कोचों के प्रेशर में कमियां आ जाने से विद्युत व्यवस्था ठप हो गई। काफी प्रयास के बाद भी उसे विद्युत विभाग ठीक नहीं कर सका। बिना बिजली ट्रेन भेजना खतरे से खाली नहीं था। वरिष्ठ खंड अभियंता की रिपोर्ट के बाद उच्चाधिकारियों ने ट्रेन को निरस्त किया।
उधर, झांसी जाने के लिए आए यात्री बुंदेलखंड विश्वविद्यालय कर्मचारी राधेश्याम ने कहा कि बांदा स्टेशन पर दो घंटे ट्रेन खड़ी रही। लेकिन खराबी दूर नहीं हो पाई। ऐन मौके पर निरस्तीकरण की सूचना दी गई। बसंत विहार कालोनी के मयंक का कहना है कि यहां करीब एक घंटे तक बैठा रहा। ट्रेन के निरस्त होने की कोई सूचना नहीं दी गई।
यात्रियों के ट्रेन में बैठते ही ट्रेन के निरस्त होने की सूचना प्रसारित होने लगी। लखन कालोनी अतर्रा निवासी मैकू का कहना है कि उसे आवश्यक कार्य से झांसी जाना है। अतर्रा से वह बांदा आया और पता चला कि ट्रेन निरस्त हो गई है। ठंड में उसे पुन: 40 किमी वापस घर जाना होगा।