बांदा। नरैनी सीएचसी में क्वारंटीन प्रवासी मजदूरों ने घर भेजने के लिए हंगामा किया। शीघ्र अस्पताल से छुट्टी न दिए जाने पर आत्महत्या की धमकी दी। डीएम के हस्तक्षेप पर एसडीएम ने जांच रिपोर्ट आने तक एक स्कूल में उन्हें क्वारंटीन किया गया। उधर, सैंपलिंग के चयनित करीब दर्जनभर प्रवासी मजदूर बगैर नमूना दिए भाग गए। सीएचसी प्रशासन ने उनकी सूची प्रशासन को सौंपी है।
एल-1 कोविड-19 हॉस्पिटल नरैनी सीएचसी के 60 बेडों में बांदा जिले के विभिन्न क्षेत्रों के प्रवासी मजदूर क्वारंटीन किए गए थे। इनमें अधिकांश मुंबई और सूरत के युवक शामिल थे। बुधवार की देर शाम निरीक्षण पर पहुंचे डीएम अमित सिंह बंसल और एसपी डॉ. एसएस मीणा के समक्ष प्रवासी मजदूरों ने हंगामा शुरू कर दिया।
घर जाने की जिद पर अड़ गए। ऐसा न होने पर आत्महत्या कर लेने की धमकी दी। इस पर डीएम ने उन्हें समझाकर शांत किया और एसडीएम वंदिता श्रीवास्तव को निर्देश दिए कि प्रवासियों को यहां से हटाकर किसी स्कूल में क्वारंटीन कर दिया जाए। हंगामा करने वाले लगभग 30 प्रवासियों को राजकुमार इंटर कालेज में क्वारंटीन कर दिया गया।
उधर, लगभग 13 प्रवासी मजदूर कोरोना सैंपलिंग से पहले ही क्वारंटीन सेंटर से भाग गए। जबकि उनकी आईडी जमाकर अस्पताल प्रशासन ने पंजीकरण कर लिया गया था। सीएचसी चिकित्साधिकारी डॉ. बीएस राजपूत ने बताया कि क्वारंटीन के दौरान सैंपलिंग से पहले भाग निकले मजदूरों की सूची अधिकारियों को भेजी गई है।