बांदा। पैलानी तहसील के खप्टिहा कलां गांव में बालू खदान ठेकेदार किसानों की भूमि पर अवैध खनन कर रहे थे। मंडलायुक्त ने खेतों में खनन रोकने के निर्देश दिए थे। इसके बाद पीड़ित महिला-पुरुष किसानों ने गुरुवार को खदान में धावा बोल दिया। किसानों के तेवर देखकर खदान ठेकेदार बैकफुट पर आ गए। आनन-फानन में जेसीबी से खेतों में खोदे गड्ढों को भरा जाने लगा। किसानों ने अपने सामने कई गड्ढे भरवाए।
दो दिन पूर्व मंडलायुक्त गौरव दयाल ने किसानों के शिकायती पत्र पर डीएम को निर्देश दिए थे कि निजी भूमि पर खनन न होना सुनिश्चित किया जाए। किसानों ने कहा था कि उनके खेतों में जबरन अवैध खनन किया जा रहा है। मशीनों से भारी-भरकम और कई-कई मीटर गहरे गड्ढे कर दिए गए हैं।
ग्राम सभा की भूमि पर भी अवैध खनन हो रहा है। किसान अधिवक्ता महेंद्र सिंह गौतम, ऊषा निषाद के नेतृत्व में सुमन सिंह, भोला, सियापाल, मिठाईलाल, माया, रेखा, लखना निषाद, काशी प्रसाद शुक्ला आदि ने मौके पर पहुंचकर खेतों में हो रहा अवैध खनन बंद करा दिया। चलती मशीनें रुकवा दीं। माहौल गरमाते देख खदान ठेकेदारों ने जेसीबी मशीनों से गड्ढों की भरपाई शुरू करा दी।
उधर, खुफिया एजेंसियों ने भी यहां आकर हालात का जायजा लिया। किसानों ने बताया कि जो अवैध गड्ढे पुरवाए गए हैं उनकी वीडियोग्राफी और फोटोग्राफ सुरक्षित हैं। हाईकोर्ट में जल्द ही याचिका दाखिल कर इन्हें साक्ष्य के रूप में पेश किया जाएगा। आरोप लगाया कि मंडलायुक्त के आदेशों के बाद खनिज अधिकारी और पैलानी का स्थानीय प्रशासन लीपापोती में जुट गया है।
खदानों में एसडीएम का निरीक्षण
अतर्रा। अवैध खनन की शिकायत पर शुक्रवार को एसडीएम जेपी यादव और पुलिस क्षेत्राधिकारी टीपी द्विवेदी ने भदावल, पौहार, लमेहटा आदि गांवों में बागै नदी में खदानों का आकस्मिक निरीक्षण किया, लेकिन पहले से ही भनक लग जाने पर अवैध खनन वाले फरार हो गए। लमेहटा चौकी प्रभारी दिलीप कुमार मिश्रा ने भी खदान में दबिश दी, लेकिन कोई हाथ नहीं लगा।
खदान में विरोध करतीं महिला किसान।- फोटो : BANDA