सांड़ी गांव में अन्ना गो आश्रय केंद्र का निरीक्षण करते डीएम महेंद्र बहादुर सिंह।
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गोमूत्र की खरीद-फरोख्त शुरू हो गई। जनपद के तिंदवारी क्षेत्र में स्थित सांड़ी गांव में अन्ना गो आश्रय स्थल पर इकट्ठा किया गया 400 लीटर गोमूत्र हमीरपुर (मौदहा) की स्वयंसेवी संस्था ने नगद पैसा देकर खरीदा। डीएम ने यह पैसा गोशालाओं की गायों को चारा, पानी, भूसा और मजदूरी के लिए सौंप दिया। डीएम ने अन्ना प्रथा को बुंदेलखंड के लिए अभिशाप बताते हुए कहा कि प्रशासन इसे वरदान बनाना चाहता है।
सांड़ी गांव में अन्ना गो आश्रय स्थल बनाया गया है। मंगलवार को डीएम महेंद्र बहादुर सिंह भी यहां पहुंचे। डीएम की मौजूदगी में ही कौस्तुम एग्रो प्रोसेसिंग प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, मौदहा (हमीरपुर) के मनोज कुमार ने 400 लीटर गोमूत्र का 4000 रुपये भुगतान ग्रामवासियों को किया। बाद में डीएम ने यह पैसा ग्राम प्रधान सुनीता को सौंपते हुए कहा कि इससे पशु आश्रय केंद्र की गायों को चारा, भूसा, पानी की व्यवस्था और वहां काम करने वाले मजदूरों की मजदूरी दी जाए।
डीएम ने बताया कि 10 लीटर गोमूत्र में एक किलो नीम की पत्ती, एक किलो मदार और एक किलो धतूरा मिलाकर कीटनाशक बनता है। यह 125 रुपये लीटर बिकता है। इस कीटनाशक से फसलों में रोग नहीं लगता। उन्होंने गोबर को अच्छी जैविक खाद बताते हुए किसानों से इसके इस्तेमाल पर जोर दिया। यह भी कहा कि जल्द ही किसानों का समूह बनाकर गांव-गांव में इस उद्योग के बारे में लोगों को प्रोत्साहित किया जाएगा। कहा कि गोमूत्र और गोबर से गो आश्रय स्थल में 50 हजार रुपये महीना तक आमदनी ली जा सकती है। डीएम ने यह भी बताया कि छह गायों को बांधने और उसकी चरही तथा पक्का फर्श मनरेगा से बनवाया जाएगा।
डीएम ने सांड़ी गांव का निरीक्षण किया और चक रोड दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। पात्रों को प्रधानमंत्री आवास योजना के आवास आवंटन को कहा। शौचालयों के निर्माण और इस्तेमाल पर जोर दिया। परियोजना निदेशक आरपी मिश्रा, एसडीएम सुरेंद्र प्रसाद यादव, उपायुक्त मनरेगा विकास मिश्रा सहित बीडीओ रजनीश शुक्ला, सूचना अधिकारी रूपेश कुमार और नाबार्ड के अधिकारी उपस्थित रहे।