बिसंडा (बांदा)। बीते दिनों कस्बे में हुए हादसे के बाद भी प्रशासन ओवरलोड वाहनों की रफ्तार रोकने में नाकाम है। इधर पुलिस-प्रशासन ने कस्बे के बीच से निकलने वाले ओवरलोड वाहनों पर पूर्णता रोक लगा दी थी। इसके बावजूद पूरा दिन ओवरलोड ट्रक व डंपर की आवाजाही जारी रही। इससे आमजन में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि प्रशासन यदि नो इंट्री का सख्ती से पालन नहीं करा पा रहा तो भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों की पुनरावृत्ति हो सकती है।
बीते बुधवार को कस्बे में हादसा हुआ था। इसमें एक तेज रफ्तार ओवरलोड भारी वाहन ने सेवानिवृत्त शिक्षक को टक्कर मार दी थी। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। लोगों के पीछा करने पर भाग रहे बेकाबू ट्रक ने ई रिक्शा में टक्कर मार दी, जिससे उसमें सवार पांच लोगों की मौके पर ही मौत गई थी। इससे नाराज लोगों ने कई घंटों तक जाम लगाया। मौके पर लोगों ने जिलाधिकारी-पुलिस अधीक्षक से कस्बे में सख्ती से नो इंट्री लागू कराने की मांग की थी।
इस पर उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया था लेकिन दूसरी ओर प्रशासनिक अनदेखी से ट्रकों की रफ्तार पर रोक नहीं लग सकी। बड़ी संख्या में ओवरलोड भारी वाहन सुबह से कस्बे की सड़कों पर आवागमन करते हैं। इससे लोगों में डर और नाराजगी है।
शनिवार को ट्रैफिक कर्मियों ने औपचारिकता पूरी करते हुए चार वाहनों का चालान किया। इस दौरान हेड कांस्टेबल अवधेश कुमार, आदर्श उपाध्याय सहित अन्य मौजूद रहे।
नरैनी में भी लगे ओवरलोड वाहनों पर लगाम
नरैनी। कस्बे के मुख्य चौराहे पर सुबह से देर शाम तक भारी वाहनों की आवाजाही रहती है। इससे लगातार जाम लगता है और हादसों की आशंका बढ़ गई है। मध्य प्रदेश से आने वाले ओवरलोड ट्रक क्षमता से अधिक मोरंग भरकर बेखौफ गुजरते हैं। ये वाहन चौराहे पर आसानी से मुड़ नहीं पाते, जिससे लंबा जाम लगता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन वाहनों से सड़क भी खराब हो रही है। क्षेत्रीय लोगों ने प्रशासन से कस्बे में नो एंट्री लागू करने और ओवरलोड वाहनों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
अवैध खनन पर टास्क फोर्स की कार्रवाई
बांदा। जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित टास्क फोर्स ने 29 मई को अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग पर कार्रवाई की।
टीम ने 1120 उपखनिज लदे वाहनों की औचक जांच की। जिसमें 15 वाहन बिना प्रपत्र और ओवरलोड पाए गए। पांच वाहनों को थाने भेजा गया और 10 का ऑनलाइन चालान कर 6.40 लाख रुपये शमन शुल्क वसूला गया। इसके अतिरिक्त, 19 वाहन बिना नंबर प्लेट के मिले। इनमें से 16 का ऑनलाइन चालान हुआ और तीन थाने को सौंपे गए। इनसे एक लाख रुपये शमन शुल्क वसूला गया। टास्क फोर्स ने नरैनी तहसील के पनगरा गांव में दो खनन पट्टों का भी निरीक्षण किया।
वर्जन -
शनिवार से ही ट्रायल शुरू किया गया था। चालकों को जानकारी न होने के कारण जाम की स्थिति बन गई थी। इसलिए एक-एक कर ट्रकों को निकाला गया। आगे सख्ती से पालन कराया जाएगा।
सौरभ सिंह, सीओ बबेरू
फोटो - 12 बिसंडा से गुजरते भारी वाहन। संवाद