फोटो- 03 ओपीडी में बच्चे को देखते बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एके राजपूत। संवाद
बांदा। वायरल के साथ-साथ अब बच्चाें में हैंड माउथ फुट डिसीज वायरल इंफेक्शन (हाथ, पैर, चेहरे व मुंह में दाने) का खतरा मंडरा रहा है। हवा से फैलने वाले इस वायरस के शिकार प्रतिदिन 20 से 25 मरीज बाल रोग विभाग की ओपीडी में पहुंच रहे हैं। बाल रोग विभाग की ओपीडी इन दिनों फुल चल रही है। प्रतिदिन एक बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में मरीजों की संख्या 100 के पार पहुंच रही है।
जिला अस्पताल व रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज और महिला जिला अस्पताल की बाल रोग विभाग की ओपीडी में इन दिनों वायरल के साथ-साथ हैंड माउथ फुट डिसीज वायरल इंफेक्शन के मरीज आ रहे हैं। छोटे बच्चों में बुखार और गले में खराश के साथ-साथ मुंह, हाथ, पैरों पर लाल दाने होते हैं। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एके राजपूत ने बताया कि उनकी ओपीडी में प्रतिदिन चार से पांच बच्चे इस बीमारी का शिकार होकर आ रहे हैं।
इसी तरह से महिला जिला अस्पताल और रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में इस बीमारी से ग्रसित बच्चे आ रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एके राजपूत का कहना है कि यह कॉक्ससैकी वायरस से फैलती है। यह हवा से फैलने वाला रोग है। इसमें बच्चों को सामान्य रूप से पैरासिटामॉल के साथ अन्य मल्टी विटामिन की दवाएं दी जाती हैं।
संक्रमण से फैलने वाले इस रोग के शिकार के बच्चों को खास एहतियात की जरूरत होती है। इस रोग के मरीज दवाओं से सात से 10 दिन के अंतराल में ठीक हो जाते हैं। बाल रोग विशेषज्ञ का कहना है कि इस वर्ष यह बीमारी प्रभावी हो रही है। पिछले अन्य सालों में इसके मरीज नहीं मिले थे। उधर, बाल रोग की ओपीडी में वायरल बुखार से पीड़ित बच्चों की लाइन लगी रही।