फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुआवजा, रोजगार के लिए निकाली अधिकार यात्रा

विज्ञापन
Right to travel for compensation, employment - फोटो : BANDA
विज्ञापन
बांदा। केन-बेतवा लिंक परियोजना पर जल्द ही काम शुरू होने की चल रही कवायदों के बीच परियोजना से प्रभावित हो रहे 15 आदिवासी बहुल गांवों के लोगों ने मंगलवार से चार दिवसीय अधिकार यात्रा शुरू कर दी। यह यात्रा परियोजना में शामिल किए गए 15 गांवों से गुजरेगी। आदिवासियों की मुख्य मांगें विस्थापन का वाजिब मुआवजा और रोजगार की गारंटी आदि हैं।
विज्ञापन

क्षेत्र के पर्यावरण पैरोकार और सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर की अगुवाई में वनवासी अधिकार यात्रा का आगाज जन विकास संगठन, छतरपुर के तत्वावधान में वसुधा गांव से हुआ। यात्रा 13 मई को दोधन में खत्म होगी। इसी गांव में केन-बेतवा लिंक का बांध बनाया जा रहा है। केन-बेतवा लिंक में आदिवासी बहुल इन गांवों को अधिग्रहीत किया जा रहा है। कई पुश्तों से आबाद आदिवासियों का कहना है कि लिंक परियोजना से वह उजड़ जाएंगे। गांव और जंगल डूब जाएंगे।
यात्रा के अगुवा अमित ने बताया कि चार दिवसीय यह यात्रा किशनगढ़ क्षेत्र में केन नदी व श्यामरी नदी किनारे बसे अति पिछड़े आदिवासी बहुल बसुधा, घुघुरी, भौरखुवा, सुखवाहा, कदवारा, डुगरिया, पठापुर, पटोरी, ककरा, नैबुवा, मैनारी, खरयानी और पलकौहा गांवों में जाएगी। समापन 13 मई को दोधन गांव में होगा। यात्रा का मुख्य उद्देश्य केन-बेतवा लिंक से प्रभावित आदिवासियों आदि को उनके कर्तव्य और अधिकारों के बारे में जागरुक करना सहित अन्य कई मुद्दे शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें