बांदा। अबकी दीपावली पर पटाखा बाजार रायफल क्लब मैदान में लगेगा। पिछले वर्ष यह जीआईसी ग्राउंड में लगाया गया था। अब तक 43 आतिशबाजों ने अस्थाई लाइसेंस के लिए आवेदन दिए हैं। दमकल विभाग और पुलिस ने आवेदकों के बारे में प्रशासन को अपनी रिपोर्ट नहीं भेजी है। डीएम ने दो दिन के अंदर दोनों विभागों से रिपोर्ट मांगी है।
पिछले साल 40 अस्थाई और पांच स्थाई लाइसेंस धारकों ने दुकानें सजाई थीं।
इस बार तीन दुकानें बढ़ने की उम्मीद है। तहसील स्तर पर उप जिलाधिकारी पटाखा दुकानों के लाइसेंस व दुकानों के संचालन व सुरक्षा की व्यवस्था संभालेंगे। जबकि शहर में डीएम अपने स्तर से खुद जांच परखकर लाइसेंस जारी करेंगे। दीपावली पर पटाखा बिक्री के लिए 43 आवेदन आए हैं। इनकी जांच कराई जा रही है। 22 अक्तूबर तक जांच कर रिपोर्ट मांगी गई थी लेकिन अभी तक दोनों विभागों ने ही रिपोर्ट नहीं भेजी। कलेक्ट्रेट के एजेए बाबू ने बताया कि 28 अक्तूबर से रायफल क्लब में पटाखों की दुकानें लग जाएंगी।
घाटे का व्यवसाय हुआ पटाखा कारोबार
बांदा। पटाखा व्यवसायियों ने बताया कि लाइसेंस शुल्क व अन्य सुविधाओं के नाम पर उन्हें हर जगह चढ़ावा चढ़ना पड़ता है। इसके भी कदम-कदम पर अड़ंगे और धौंस धमकी से रुबरू होना पड़ता है। सीज फायर यंत्र खरीदने या सिलेंडर भराने में मनमाना शुल्क लिया जाता है। अधिकारियों और कर्मचारियों के बच्चों को हजारों रुपये के पटाखे मुफ्त देने पड़ते हैं। माल बच जाने से मुनाफा डूब जाता है।