Repair of sunken part of Banda-Tanda highway started
- फोटो : BANDA
बेंदाघाट। बांदा-टांडा राष्ट्रीय राजमार्ग में यमुना नदी के पहले बारिश से धंस गई सड़क की मरम्मत आखिरकार दो दिन बाद शुरू हो गई। सड़क धंसने से प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत फतेहपुर, कानपुर व प्रयागराज जाने वाले वाहनों का आवागमन रोक दिया गया था। लगभग दो दिनों से यहां आवागमन बाधित है। चिल्ला व पपरेंदा होकर वाहनों को निकाला जा रहा है।
दो दिन बाद नेशनल हाईवे के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और मरम्मत शुरू कराई। बांदा-टांडा नेशनल हाईवे-232 इसी साल बनकर तैयार हुआ है। इसके निर्माण में लगभग 558 करोड़ रुपये का खर्च आया है। दिसंबर 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका लोकार्पण कर यातायात के लिए समर्पित किया था। बांदा और चित्रकूट जिले को यह सीधे लखनऊ, रायबरेली समेत पूर्वांचल व पश्चिमी उत्तर प्रदेश को जोड़ता है, लेकिन झमाझम बारिश ने हाईवे की गुणवत्ता की पोल खोल दी। पूरी सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई। आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। शनिवार को यमुना नदी के पहले राष्ट्रीय राजमार्ग धंस जाने से फतेहपुर, कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज सहित टांडा के लिए आवागमन बंद हो गया।
पुलिस की मौजूदगी में वाहनों को चिल्ला व पपरेंदा मार्ग से निकाला जा रहा है। इससे मरीजों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी तरफ सरकारी कर्मचारी व प्राइवेट सेक्टर में काम करने वालों को महंगी यात्रा करनी पड़ रही है। अमर उजाला में रविवार को बारिश से हाईवे की सड़क धंसने की खबर प्रकाशित होने के बाद जागे हाईवे के अधिकारियों ने मंगलवार को निरीक्षण किया और सड़क के धंसे हिस्से की मरम्मत शुरू कराई। एक दर्जन से अधिक मजदूर मिट्टी भरी बोरियों से सड़क का भारी-भरकम गड्ढा बराबर करने में लगे हैं। नेशनल हाईवे के अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि बुधवार से हाईवे में आवागमन शुरू हो जाएगा।