फोटो-24-लोक अदालत में अपनी स्टाल में मौजूद बैंक प्रतिनिधि। संवाद
बांदा। किसी की रकम 16 साल से डाकघर में अटकी थी तो कोई तीन माह से गंदे पानी की समस्या झेल रहा था।
किसी को बुकिंग के बाद भी तय समय पर सिलिंडर नहीं मिल रहा था। लंबे समय से चली आ रही इन समस्याओं से लोगों को लोक अदालत ने राहत दिलाई।
शनिवार को कचहरी परिसर में हुई लोक अदालत में संबंधित विभागों और पक्षकारों के बीच सुलह-समझौता कराकर मामलों का निस्तारण किया गया।
मालती पहारिया की 16 साल से डाकघर में अटकी 15 हजार रुपये की रकम का मामला सुलझाया गया। उनके पति पदमलाल पहारिया के नाम 2003 में बचत पत्र लिए गए थे, जिनका भुगतान 2011 में होना था। डाकघर ने अभिलेखों में कमी बताकर भुगतान रोका था, जिस पर मालती ने 26 सितंबर 2025 को वाद दायर किया। सुनवाई के बाद डाकघर ने भुगतान पर सहमति दी।
इसी तरह जवाहर नगर के शिवकुमार और महिराज की तीन माह से गंदे पानी की समस्या भी दूर हुई। उन्होंने 29 जुलाई 2026 को स्थायी लोक अदालत में वाद दायर किया था। जल संस्थान और जल निगम ने क्षतिग्रस्त पाइप लाइन दुरुस्त कर साफ पानी की आपूर्ति शुरू की। जसपुरा के रामपुर निवासी की गैस सिलिंडर आपूर्ति में देरी की शिकायत भी निस्तारित हुई। वहीं जिला जज अल्पना व न्यायिक अधिकारी ने निरीक्षण किया।
फोटो-24-लोक अदालत में अपनी स्टाल में मौजूद बैंक प्रतिनिधि। संवाद