आयुष्मान भारत योजना का गोल्डन कार्ड जारी करने के लिए स्वास्थ्य विभाग 31 मार्च तक विशेष अभियान चलाएगा। यह पूरी तरह नि:शुल्क होगा। असत्यापित परिवारों का पुन: सर्वे भी होगा। साथ ही इस योजना में बांदा जनपद के चार स्वास्थ्य केंद्रों को और शामिल किया गया है।
कमजोर वर्ग के परिवारों को पांच लाख रुपये तक नि: शुल्क इलाज इस योजना में किया जाता है। इसके लिए लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड जारी किए जाते हैं। हालांकि अभी तक बांदा सहित पूरे मंडल में लक्ष्य के अनुरूप गोल्डन कार्ड नहीं बन सके हैं। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि गांवों और अस्पतालों में कैंप लगाकर कार्ड बनाए जा रहे है।
योजना के नोडल अधिकारी डा. आरएन प्रसाद ने बताया कि 31 मार्च तक नि: शुल्क गोल्डन कार्ड बनाने का अभियान चलेगा। शत प्रतिशत पात्रों को कार्ड जारी होगे। ऐसे गांव जहां एक भी गोल्डन कार्ड नहीं बना है, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। असत्यापित परिवारों का पुन: सर्वे कराकर उन्हें लाभ दिया जाएगा।
नोडल अधिकारी ने बताया कि अब तक बांदा जनपद में 65 हजार 225 गोल्डन कार्ड जारी किये जा चुके हैं। लक्ष्य एक लाख 81 हजार 585 का है। यह 47 फीसदी है। उन्होंने बताया कि शेष 53 फीसदी पात्रों को इस अभियान के दौरान गोल्डन कार्ड जारी किए जाएंगे। यह बताया कि 10 से 25 जनवरी तक आशा कार्यकर्ताओं के जरिये असत्यापित परिवारों का पुन: सर्वे और सत्यापन कराया जाएगा ताकि उन्हें भी योजना का लाभ मिल सके।
यह भी बताया कि शासन से पात्र लाभार्थियों की सूची शीघ्र मिलने वाली है। जिला कार्यक्रम समन्वयक धीरेंद्र वर्मा ने बताया कि योजना में कुछ और नए अस्पताल जोडे़ जा रहे हैं। हाल ही में बहेरी, बिसंडा, जसपुरा और अतर्रा की सीएचसी इस योजना में शामिल की गई है। योजना से जुड़े सभी अस्पतालों को आधुनिक सुविधा से लैस किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि 1249 गोल्डन कार्ड धारकों का इलाज किया जा चुका हैं। मौजूदा समय में जिला महिला व पुरूष अस्पताल व राजकीय मेडिकल कालेज, सीएचसी नरैनी, बबेरू, कमासिन, नवाब चैरिटेबिल हास्पिटल तिंदवारा, कमला नर्सिंग होम अतर्रा में प्रतिदिन गोल्डन कार्ड बनाने की व्यवस्था की गई है। कार्ड के लिए आधार कार्ड, राशन कार्ड और प्रधानमंत्री/ मुख्यमंत्री द्वारा भेजा गया पत्र लेटर लाभार्थी खुद आए।