बांदा। जिले के ग्रामीण इलाकों में रक्षाबंधन की धूम रही। महिलाओं और बेटियों ने बुंदेलखंडी गीतों के साथ कजेलिया पूजन के बाद विसर्जन किया और रक्षाबंधन का पर्व हर्षोल्लास से मनाया।
बबेरू संवाद के अनुसार रक्षाबंधन पर्व और पांचवें सोमवार को कस्बे के मां मढ़ीदाई में भक्तों की भीड़ रही। भक्तों ने मां मढ़ीदाई की पूजा-अर्चना की। अद्भुत शिवमंदिर में भी भक्तों की भीड़ रही। कजेलिया का पर्व भी मनाया। रक्षाबंधन पर्व में बहनों ने भाइयों की कलाई में राखी बांधकर और रोली चंदन लगाकर मिठाई खिलाई। भाइयों के दीर्घायु की कामना की।
बेंदाघाट संवाद के अनुसार यमुना नदी किनारे ग्राम पंचायत बेंदा में स्थित मां काली देवी मंदिर में सर्वप्रथम कजेलिया व राखी बांधने व पूजा-अर्चना करने के बाद अपने घरों में भाइयों का राखी बांधी। कोराना महामारी के चलते इस वर्ष रक्षाबंधन का त्योहार फीका रहा। राखी व मिठाइयों की दुकानों पर पिछले सालों की अपेक्षा भीड़ कम रही।
तिंदवारी संवाद के अनुसार कस्बे व गांवों में मुहूर्त आते ही बहनों ने भाइयों की कलाई में राखी बांधकर उनके सुख समृद्धि की कामना की। कोरोना के चलते इस वर्ष ज्यादातर बहनों ने भाइयों को डाक से राखियां भेजी थीं। मोबाइल के जरिये भी राखियां और भाइयों के लिए संदेश भेजकर शुभकामनाएं दी गई।
कस्बे में सांप्रदायिक सौहार्द के प्रतीक काले शहीद बाबा तालाब, कजेलिया तालाब, पिपरगवां में देवी तालाब, भुजौली में मढ़ीदाई तालाब, गोधनी में हनुमान मंदिर तालाब, समेत परसौड़ा, पचनेही, सेमरी, पपरेंदा, पैलानी, गांव के तालाबों और अमलीकौर, जौहरपुर, चिल्ला और बेंदा में यमुना नदी में कजली विसर्जन हुआ।