बांदा। स्थानांतरण नीति से खफा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने दो घंटे कार्य बहिष्कार कर सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया। शासन के अड़ियल रवैए पर रोष जताते हुए स्थानांतरण नीति रद्द करने की मांग की।
चेतावनी दी कि मांगें पूरी न हुईं तो प्रांतीय नेतृत्व पर सभी कार्य बंद कर दिए जाएंगे। कोरोना की तीसरी लहर से निपटना मुश्किल पड़ जाएगा। डिप्लोमा फार्मेसिस्ट राजपत्रित अधिकारी एसोसिएशन जिला यूनिट के बैनर तले शनिवार को डाक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों ने दो घंटे का कार्य बहिष्कार किया। जिला अस्पताल परिसर में धरना-प्रदर्शन किया।
आंदोलन की अगुवाई कर रहे मंत्री जेएल राजपूत ने कहा कि स्थानांतरण नीति रद्द करने के लिए शासन को मजबूर कर देंगे। शीघ्र इस पर निर्णय नहीं लिया गया तो 12 जुलाई को महानिदेशालय का घेराव किया जाएगा।
कहा कि प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर सभी कामकाज ठप कर दिए जाएंगे। पीएमएस संवर्ग, राजकीय नर्सेज संघ, डिप्लोमा फार्मेसिस्ट, एक्स-रे संघ, लैब टेक्नीशियन, डेंटल हाईजीनिस्ट संघ आदि कर्मी शामिल रहे।
धरना-प्रदर्शन में डा. प्रदीप कुमार, डा. हृदयेश पटेल, डा. मुकेश कुमार, अवधेश सिंह, पीएन सचान, वीरेंद्र सिंह, रमाशंकर सिंह, रामलखन चौरसिया, राजेंद्र कुमार राजपूत, एसपी त्रिपाठी, संजीव गुप्ता, चंद्रकिशोर, शत्रुघन सिंह, जितेंद्र सिंह, उमा यादव, छोटेलाल, अंकित निगम आदि मौजूद थे।