फोटो-14- मृतक ज्ञानबाबू। फाइल फोटो।
- महोखर स्थित नशा मुक्ति केंद्र के शौचालय में जनेऊ से लगाया फंदा
- सीसीटीवी फुटेज में शौचालय के अंदर जाते हुए दिखाई दिए पुरोहित
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। देहात कोतवाली क्षेत्र के नशा मुक्ति केंद्र में प्रयागराज के पुरोहित ज्ञानबाबू शर्मा (65) ने जान दे दी। उनका शव शौचालय के पाइप में जनेऊ के सहारे लटका मिला। पुलिस और परिजन ने केंद्र के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी, जिसमें वह अकेले शौचालय के अंदर जाते हुए दिखाई दिए। पुरोहित बेटे की हत्या से अवसाद में आकर कुछ समय से नशा करने लगे थे।
प्रयागराज के मुट्ठीगंज थाना क्षेत्र के मालवीय नगर निवासी रोहित ने बताया कि चाचा ज्ञानबाबू शर्मा को चाची अंजू शर्मा ने सात अगस्त को महोखर स्थित नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था। वह कुछ समय से शराब और गांजे के आदी हो गए थे। बुधवार को केंद्र से उनके फंदा लगाने की सूचना मिली । देहात कोतवाली प्रभारी संजीव चौबे ने बताया कि ज्ञानबाबू ने शौचालय के अंदर फंदा लगाया है। सीसीटीवी फुटेज में वह अकेले अंदर जाते हुए नजर आ रहे हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
21 मई को हुई थी बेटे की हत्या
रोहित ने बताया कि ज्ञानबाबू के इकलौते बेटे सक्षम शर्मा अधिवक्ता थे। बीते 21 मई को हमलावरों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। वह अपने एक मित्र को गोली मारने के मामले में पैरवी कर रहे थे। आरोप है कि इसी पैरवी के विरोध में उनकी हत्या कर दी थी। रोहित के मुताबिक उन्हीं हमलावरों ने सक्षम के मित्र को भी गोली मारी थी। बेटे की हत्या के बाद से चाचा अवसाद में आकर शराब पीने लगे थे। प्रयागराज में रंजिश के चलते उनकी सुरक्षा और नशे की लत छुड़ाने के साथ ही उन्हें डिप्रेशन से बाहर निकालने के लिए चाची ने उन्हें महोखर स्थित नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था।