बांदा। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी ने शुक्रवार को बबेरू और कमासिन क्षेत्रों में 10 गांवों के 18 स्कूलों का निरीक्षण किया। स्कूल बंद मिलने या लेटलतीफ आने पर एक स्कूल के समूचे स्टाफ, आठ प्रधानाध्यापक, पांच सहायक अध्यापक, तीन अनुदेशक और एक शिक्षामित्र का एक दिन का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा है।
बीएसए शिवनारायण सिंह के निरीक्षण में कमासिन ब्लाक के खरौली गांव में जूनियर स्कूल सुबह 9:06 बजे बंद मिला। यहां पूरे स्टाफ का वेतन रोक दिया गया। प्राथमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक रोशन सिंह और शिक्षामित्र प्रभावती अनुपस्थित मिलीं। कदोहर गांव में प्राइमरी स्कूल के प्रधानाध्यापक इंद्रपाल यादव देर से आए और सहायक अध्यापक रविकरण वर्मा अनुपस्थित मिले।
कुम्हेढ़ासानी गांव में प्राथमिक विद्यालय के इंचार्ज प्रधानाध्यापक केशव राम प्रजापति और सहायक अध्यापक महेश प्रसाद अनुपस्थित मिले। कुम्हेढ़ा गांव में प्राथमिक विद्यालय बंद मिला। कमासिन के प्राथमिक विद्यालय प्राचीन में छात्र संख्या कम होने और शैक्षिक गुणवत्ता घटिया मिलने पर प्रधानाध्यापक विष्णुदत्त का आज का वेतन रोका गया। पछौंहा गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय के रजिस्टरों मे हेराफेरी पाए जाने पर प्रधानाध्यापक शिव प्रसाद का नवंबर माह का वेतन रोक दिया गया।
इसी विद्यालय में सहायक अध्यापक देवी प्रसाद और अनुदेशक गायत्री गुप्ता व पूजा वर्मा के अनुपस्थित मिलने पर वेतन रोका गया। मुसीवां गांव में उच्च प्राथमिक विद्यालय में छात्र संख्या में कमी और शैक्षिक गुणवत्ता खराब होने पर इंचार्ज प्रधानाध्यापक नंदकिशोर का एक दिन का वेतन रोक दिया गया। जालिम पुरवा के प्राथमिक स्कूल में मिड-डे मील रजिस्टर में हेराफेरी और राशन खुला मिलने पर प्रधानाध्यापक धनराज वर्मा का नवंबर माह का वेतन रोका गया।
नारायणपुर में प्राथमिक विद्यालय की सहायक अध्यापक सरिता देवी के अनुपस्थित मिलने और खमरखा गांव के प्राइमरी स्कूल में छात्र संख्या में कमी, स्कूल में गंदगी और शैक्षिक गुणवत्ता गड़बड़ होने पर प्रधानाध्यापक कैलाश प्रसाद का नवंबर माह का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
इसी गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय में छात्र संख्या कम होने और शैक्षिक गुणवत्ता अच्छी न होने पर इंचार्ज प्रधानाध्यापक अरविंद कुमार का तीन नवंबर का वेतन रोक दिया गया। बीएसए ने कहा कि इन सभी के संतोषजनक स्पष्टीकरण मिलने के बाद ही रोका गया वेतन दिया जाएगा।