बांदा। चित्रकूटधाम मंडल में पांच साल में चारों जिलों में प्री-मानसून भूजल स्तर में मामूली सुधार हुआ है। क्रिटिकल श्रेणी वाले ब्लाक सेमी क्रिटिकल में आ गए हैं। मंडल के 24 में 10 ब्लाक डार्क जोन श्रेणी से बाहर आ गए हैं। भूजल स्तर में औसतन 2 से 3 मीटर की वृद्धि हुई है। हमीरपुर के तीन ब्लाकों में भूजल स्तर घटा है।
भूगर्भ जल विभाग की वर्ष 2020 की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले पांच वर्षों में बांदा जनपद में अधिकतम तीन मीटर, चित्रकूट व महोबा में दो-दो मीटर और हमीरपुर में साढ़े तीन मीटर तक भूजल स्तर में सुधार हुआ है। डार्क जोन श्रेणी वाले ब्लाकों में भूजल 8 से 10 मीटर तक नीचे खिसक गया था।
बांदा के जसपुरा व तिंदवारी ब्लाक क्रिटिकल श्रेणी में थे। अब यह सेमी क्रिटिकल श्रेणी में आ गए हैं। चित्रकूट में मऊ ब्लाक और महोबा में जैतपुर, चरखारी, पनवाड़ी व कबरई ब्लाक डार्क जोन से बाहर आए हैं। हमीरपुर में कुरारा, सुमेरपुर व मौदहा ब्लाक सुरक्षित जोन में हैं।
पांच वर्ष पूर्व और अब मंडल में प्री-मानसून भूजल स्तर (मीटर में)
जनपद ब्लाक 2016 2020 बढ़ा/गिरा (मीटर में)
बांदा बड़ोखर 7.79 6.37 1.42 बढ़ा
महुआ 6.74 5.34 1.40 बढ़ा
कमासिन 16.25 12.73 3.54 बढ़ा
बिसंडा 11.26 4.10 7.16 बढ़ा
जसपुरा 19.36 18.13 1.23 बढ़ा
तिंदवारी 16.76 13.80 2.96 बढ़ा
नरैनी 9.00 5.02 3.98 बढ़ा
बबेरू 9.20 7.05 2.15 बढ़ा
चित्रकूट मऊ 15.06 10.88 4.18 बढ़ा
रामनगर 10.06 12.09 2.03 गिरा
पहाड़ी 15.17 14.04 1.13 बढ़ा
कर्वी 9.98 8.78 1.20 बढ़ा
मानिकपुर 11.25 8.75 2.50 बढ़ा
हमीरपुर कुरारा 19.93 6.23 13.7 बढ़ा
सुमेरपुर 19.36 18.32 1.04 बढ़ा
मौदहा 11.51 10.62 0.89 बढ़ा
गोहांड 21.66 19.94 1.72 बढ़ा
मुस्करा 8.73 11.84 3.11 गिरा
सरीला 15.17 18.30 3.13 गिरा
राठ 15.40 18.05 2.65 गिरा
महोबा पनवाड़ी 11.15 8.88 2.27 बढ़ा
कबरई 9.30 7.79 1.51 बढ़ा
जैतपुर 9.60 7.74 1.86 बढ़ा
चरखारी 8.72 5.88 2.84 बढ़ा
दो ब्लाकों में भूजल बढ़ा
बांदा। बिसंडा (बांदा) में प्री-मानसून भूजल स्तर में 7.16 मीटर की वृद्धि हुई। हमीरपुर के कुरारा में 13.7 मीटर भूजल स्तर बढ़ा है। यहां के तीन ब्लाक मुस्करा, सरीला व राठ में 2 से 3 मीटर तक भूजल स्तर गिरा है।
वर्षा जल संचयन क्षेत्र में सुधार से अधिकांश ब्लाकों में भूजल स्तर में काफी सुधार हुआ है। पुराने तालाब और कुओं का जीर्णोद्धार हुआ। नए तालाब खोदे गए। सरकारी भवनों में रूफ टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर काम हुआ। इसलिए भूजल स्तर में वृद्धि हुई।- एमए जैदी, अधिशासी अभियंता, भूगर्भ जल विभाग, बांदा।