शनिवार को शाम हुई मामूली बारिश और तेज हवाओं के झोंकों ने शहर के फीडर भूरागढ़ को धड़ाम कर दिया। पावर कारपोरेशन अभियंताओं को मामूली फाल्ट ढूंढने में 20 घंटे से ज्यादा लगे। पूरी रात आधा दर्जन से ज्यादा मोहल्लों में लोग नींद गंवाकर उमस और गर्मी में बिलबिलाते रहे। सुबह जलापूर्ति भी बाधित रही।
भूरागढ़ फीडर से जल संस्थान के इंटेकवेल समेत क्योटरा, निम्नीपार, मर्दन नाका, छाबी तालाब, छिपटहरी, खिन्नी नाका, खुटला आदि मोहल्ले जुड़े हैं। शहर से बाहर सुनसान इलाके में फीडर होने से अधिकारी और अभियंता यहां नहीं फटकते। शनिवार को यह फीडर पहले दिन में ढाई बजे तक कटौती के चलते बंद रहा।
इसके बाद आपूर्ति शुरू हुई तो कुछ ही देर बाद बारिश और तेज हवा के झोंके आ गए। फाल्ट से फीडर ठप हो गया। देर रात तक मुख्य अभियंता एके सक्सेना और अवर अभियंता कांता प्रसाद का कहना था कि फाल्ट तलाश किया जा रहा है, लेकिन पूरी रात इसी आश्वासन में बीत गई।
फाल्ट दुरुस्त नहीं हुए। हजारों उपभोक्ता गर्मी और उमस में रतजगा करते रहे। सुबह जलापूर्ति भी नहीं हुई। अभियंता कुछ देर बाद सो गए। रविवार को करीब साढ़े 11 बजे फाल्ट तलाश कर आपूर्ति बहाल की गई। बताया गया कि फाल्ट काफी मामूली था।
अंधेरे में डूबा देवीजी सबस्टेशन
खत्री पहाड़ के 33/11 केवी देवीजी सबस्टेशन (गिरवां) शनिवार की शाम मामूली बारिश के बाद अंधेरे में डूब गया। फीडर क्षेत्र के कसबे, गांव की बिजली रात भर गुल रही। रविवार देरशाम तक फाल्ट का पता नहीं चल पाया था। उपभोक्ताओं का कहना है कि इन दिनों चार घंटे भी बिजली नहीं मिल रही।
सब स्टेशन में फोन करो तो कर्मचारी बदसलूकी से जवाब देते हैं। जेई फोन रिसीव नहीं करते। उधर, रविवार को यहां रामलीला मैदान में हिंदुस्तान किसान यूनियन की बैठक में बिजली संकट और बैंकों में दलाली का मुद्दा छाया रहा।
लेखपालों द्वारा राहत राशि के चेक मनमाने ढंग से बनाने और बांटने पर रोष जताया गया। बैठक में मंडल अध्यक्ष आलोक शुक्ला, जिलाध्यक्ष श्रवण तिवारी, तहसील अध्यक्ष प्रेम राजपूत सहित खानपुर, कोलावल, शेरपुर, स्योढ़ा, जरर, रेवई आदि गांवों के किसान शामिल रहे।