बांदा। ‘ये वो सच है जो छिपाया जा रहा है। कोई प्रबंध गर्मी को देखते हुए नहीं हो पाया। मैं एसई बांदा के तौर पर शेयर कर रहा हूं। डीएम और कमिश्नर साहब को भी इसकी कापी दूंगा’।
चित्रकूटधाम मंडल (बांदा) पावर कारपोरेशन के अधीक्षण अभियंता (एसई) जेपीएन सिंह ने बेबाकी से अपनी यह नाराजगी सोशल मीडिया पर शेयर की है। सोशल मीडिया पर लिंक वायरल होने के बाद जिले में चर्चाओं का दौर गर्म है।
बांदा शहर में पिछले करीब एक माह से बिजली का जबरदस्त संकट है। भीषण गर्मी में बिजली बगैर उपभोक्ताओं में रोष पनप रहा है। इन परिस्थितियों पर सोमवार को पावर कारपोरेशन अधीक्षण अभियंता ने सोशल मीडिया पर बनाए विभागीय ग्रुप में उपरोक्त टिप्पणी दर्ज की है। लिखा है कि गर्मी के मौसम के लिए बांदा शहर में कोई प्लान नहीं किया गया। एसई ने कहा कि यह उनकी चूक नहीं है। इसकी जिम्मेदारी सर्किल पर है। शहर में दो अधिशासी अभियंता नहीं हैं। कोई स्थायी एक्सईएन एक साल से नहीं है। ऐसे में क्या उम्मीद रखी जाए। प्रबंधन ने एक अधीक्षण अभियंता को कार्यों में लापरवाही के आरोप में स्थानांतरित कर दिया है। एसई ने खबरदार किया है कि स्थितियां गंभीर हैं। लोगों का आक्रोश फूट सकता है। अब निर्णय प्रबंधन ही करे।
पोस्ट वायरल होने के बाद कई घंटे शहर की बत्ती गुल कर सुधारे फाल्ट
अधीक्षण अभियंता की शेयर के बाद शायद पावर कारपोरेशन के स्थानीय अधिकारियों की नींद टूटी है। शेयर के अगले ही दिन मंगलवार को मुख्यालय स्थित 132 केवी सब स्टेशन में मेंटीनेंस (अनुरक्षण) कार्य शुरू कर दिए गए। इसके लिए शाम करीब 5 बजे शहर के सभी फीडरों में आपूर्ति बंद कर दी गई। शहर के लाखों उपभोक्ता दो घंटे से ज्यादा बिन बिजली गर्मी में बिलबिला उठे।
इन इलाकों में गुल रही बिजली
आवास विकास, स्वराज कालोनी, पुलिस लाइन, छोटी बाजार, छाबी तालाब, न्यायालय परिसर, मर्दन नाका, कालूकुआं आदि शहरी क्षेत्रों सहित मटौंध और गोयरा मुगली आदि ग्रामीण इलाकों में भी आपूर्ति बाधित रही। सुबह और शाम पानी का भी संकट रहा।