पांच आरोपियों की गिरफ्तारी और तीन मेडिकल स्टोर के लाइसेंस निरस्त होने के बाद जांच का दायरा बढ़ा
पुलिस के साथ औषधि विभाग भी कर रहा रेकी, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे
अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। बिसंडा थाना क्षेत्र में पकड़े गए कोडीन युक्त कफ सिरप के मामले में अब पुलिस की नजर पूरे नेटवर्क पर है। 30 हजार बोतल सिरप की बरामदगी के बाद पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। तीन आरोपियों से जुड़े मेडिकल स्टोर के लाइसेंस भी निरस्त किए जा चुके हैं। इसके बावजूद जांच को केवल बरामदगी और आरोपियों तक सीमित नहीं रखा गया है। पुलिस और औषधि विभाग अब सिरप की खरीद, सप्लाई और खपत से जुड़ी कड़ियां जोड़ने में जुटे हैं।
तीन सितंबर को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के पास करीब 60.45 लाख रुपये कीमत की 30 हजार बोतल कोडीन युक्त सिरप बरामद किए गए थे। जांच में सामने आया कि सिरप की सप्लाई कई स्तरों से होकर आगे बढ़ रही थी। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की। पूछताछ और दस्तावेजों के आधार पर अब उन लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है, जो इस नेटवर्क में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जुड़े हो सकते हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मिले मोबाइल फोन की भी जांच शुरू की है। करीब पांच मोबाइल की सीडीआर और अन्य तकनीकी जानकारी खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों की किन-किन लोगों से लगातार बातचीत होती थी और सिरप की खेप को लेकर किस स्तर पर संपर्क था। जांच में सामने आए बिल और फर्मों से जुड़े दस्तावेज भी महत्वपूर्ण कड़ी माने जा रहे हैं। हमीरपुर की ओम मेडिकल एजेंसी टेड़ा से जुड़े बिल और सिरप निर्माता कंपनी तक पहुंचने वाली सप्लाई चेन की भी पड़ताल की जा रही है। दिल्ली की फर्म और अन्य जुड़े लोगों की भूमिका की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
कहां से आया, किसे जाना था माल
जांच का एक अहम बिंदु यह भी है कि इतनी बड़ी मात्रा में कोडीन युक्त सिरप की खरीद किस उद्देश्य से की गई थी और इसे आगे कहां भेजा जाना था। पुलिस अब बरामद खेप के स्रोत से लेकर संभावित गंतव्य तक की कड़ियां तलाश रही है। जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि कहीं इसी नेटवर्क के जरिए पहले भी सिरप की खेप तो नहीं भेजी गई। कोल्ड स्टोरेज में माल के लेबल बदलने समेत अन्य बिंदुओं को भी जांच में शामिल किया गया है। इससे पुलिस को आशंका है कि सप्लाई के दौरान माल की पहचान छिपाने या उसका स्वरूप बदलने का प्रयास किया गया हो सकता है। इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
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औषधि विभाग की भी पैनी नजर
पुलिस की कार्रवाई के साथ औषधि विभाग भी मेडिकल स्टोर और दवा कारोबारियों की निगरानी कर रहा है। तीन मेडिकल स्टोर के लाइसेंस निरस्त किए जा चुके हैं। विभाग अब यह देख रहा है कि संबंधित फर्मों ने कोडीन युक्त सिरप की खरीद-बिक्री के लिए क्या रिकॉर्ड दर्ज किए थे। स्टॉक, बिक्री और खरीद के दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है। अधिकारियों की नजर उन मेडिकल एजेंसियों और दुकानों पर भी है, जहां से इस तरह की दवाओं की बड़ी मात्रा में खरीद या बिक्री हुई है। जांच में नियमों का उल्लंघन मिलने पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।
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वर्जन
पुलिस आरोपियों की तलाश के साथ ही नेटवर्क को भी खंगाल रही है। जल्द ही पूरी सिंडिकेट को ट्रैस कर कार्रवाई की जाएगी। -पलाश बंसल, एसपी