बांदा। शहर कोतवाली के शंकर नगर मोहल्ले में बंद कार के अंदर मिले युवक के शव के मामले की गुत्थी सुलझ नहीं पा रही है। शव मिलने के 24 घंटे बाद भी उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी है। पुलिस शिनाख्त के लिए भिखारियों का सहारा ले रही है।
शंकर नगर मोहल्ला निवासी सुनील चौरसिया कालू कुआं मोहल्ले में ऑटो पार्टस विक्रेता हैं और मैकेनिक हैं। मंगलवार की शाम वह कार से किसी काम से जाने के लिए घर से निकले तो उनकी बंद कार में 40 वर्षीय युवक का शव अगली सीट पर पड़ा मिला। फोन से पुलिस को सूचना दी। मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज, शहर कोतवाल बलराम सिंह व फॉरेसिंक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। शव दो दिन पुराना था। दुर्गंध भी फैली थी।
सुनील चौरसिया ने पुलिस को बताया कि दो दिन पहले उनका मित्र कार मांगकर ले गया था। वह रात में कार खड़ी कर चाबी देकर चला गया था। तब से कार नहीं देखी थी। बंद कार के अंदर शव मिलने के सवाल पर सुनील ने बताया कि कार की बैटरी कमजोर है। तीन गेट तो बंद हो जाते हैं, एक गेट अगर बंद हो गया तो खुलता नहीं है या खुल गया तो बंद नहीं होता है। कयास लगाया जा रहा है कि गर्मी के चलते भिखारी टाइप का युवक कार का गेट खोलकर अंदर चला गया होगा और कार का दरवाजा बंद होने से मौत हो गई होगी।
हालांकि इन सब सवालों के जवाब शव के शिनाख्त न होने पर खुलासा नहीं हाे सका है। दूसरी वजह शंकर नगर की जिस गली में कार खड़ी थी, वहां सिर्फ एक सीसीटीवी लगा है। वह भी इतनी दूरी पर है कि कार पूरी तरह स्पष्ट नहीं दिख रही है।
शहर कोतवाल बलराम सिंह ने बताया कि शव की शिनाख्त के लिए पुलिस टीम लगी है। इसमें भिखारियों का भी सहयोग लिया जा रहा है। शिनाख्त होने पर ही घटना की कड़ियां खुल पाएंगी।