बांदा। मौसम विभाग द्वारा जारी येलो अलर्ट सटीक साबित हुआ। पिछले 24 घंटे से हो रही तेज और रिमझिम बारिश से उमस काफूर हो गई। मौसम सुहावना हो गया। जगह-जगह जलभराव के हालात रहे। अधिकतम तापमान में तीन डिग्री गिरावट दर्ज की गई। उधर, ज्यादा बारिश से खेत जुताई के लिए किसान परेशान हैं।
कई दिनों से लोग भीषण उमसभरी गर्मी से जूझ रहे थे। सोमवार को मौसम आए बदलाव से दोपहर बाद बारिश शुरू हो गई। यह मंगलवार को भी जारी रही। कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश से मौसम खुशगवार और लगभग 10 किलोमीटर की रफ्तार से चल रही हवाओं से मौसम भी ठंडा हो गया। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक पिछले 24 घंटे में लगभग 62 मिमी बारिश हुई। वहीं अधिकतम तापमान तीन डिग्री लुढ़क गया।
36 डिग्री सेल्सियस से 33 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। मौसम जानकारों का कहना है कि अगले दो दिनों तक ऐसा ही मौसम रहने के आसार हैं। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम/कृषि वैज्ञानिक दिनेश साहा ने बताया कि बारिश से सभी फसलों के लिए मुफीद है। खासकर धान की फसल को ज्यादा फायदा है। खाली खेत ज्यादा गीले हो जाने पर किसान जुताई के लिए परेशान हैं।
बारिश से घर गिरे, लोगों के घरों में घुसा पानी
ओरन/अतर्रा। रात से हो रही लगातार बारिश से क्षेत्र में लोगों के घरों में पानी घुस गया। जलभराव होने से घरगिरी का अंदेशा बढ़ गया है। कच्चे मकानों की दीवारें गिर रही हैं। क्षेत्र के मइयादीन कोरी, भोंडी रैदास, मदनलाल रैदास, जगदीश कहार, केशव कहार, लक्ष्मण रैदास के कच्चे मकान बारिश में गिर गए। ग्रामीणों ने बताया कि कमासिन रोड में बने कालिंद नाला रपटे में जल निकासी बाधित होने के कारण लोगों के घरों में पानी भर रहा है। उधर, बांदा-सिंहपुर मार्ग लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। बारिश से इस मार्ग पर दो पहिया वाहन भी निकलना दूभर हैं।
बारिश के दिनों में बांदा-बिसंडा मार्ग से निकलने में ग्रामीणों को खासी दिक्कत उठानी पड़ रही है। कई किलोमीटर खराब मार्ग पर आए दिन लोग गिरकर घायल हो रहे हैं। अपना दल एस, बबेरू विधान सभा क्षेत्र अध्यक्ष अरुण कुमार पटेल ने बताया कि कई बार यह मार्ग बना, लेकिन कुछ दिन में ही क्षतिग्रस्त हो जाता है। बिसंडा, ओरन से होते हुए सिंहपुर-पहाड़ी (चित्रकूट) व राजापुर-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ती है। विधान सभा क्षेत्र अध्यक्ष ने लोक निर्माण विभाग मंत्री सहित उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर सड़क बनवाने की मांग की है।