बांदा। बेरोजगारी के इस दौर में उच्च शिक्षा हासिल
बेरोजगार मामूली पदों पर नौकरी करने के लिए तैयार और बेकरार हैं। इसकी
बानगी रविवार को यहां चकबंदी विभाग में लेखपालों की भर्ती के लिए आयोजित की
गई लिखित परीक्षा मेें दिखी।
पीएचडी व एलएलबी जैसी उच्च शिक्षा
वाले भी इस परीक्षा में शामिल थे। जिले के 39 केंद्रों पर यह परीक्षा हुई।
22,629 में 9516 (42 फीसदी) परीक्षार्थी गैरहाजिर रहे। प्रश्नपत्रों में
त्रुटि के चलते अभ्यर्थियों को अपनी सीट तलाशने में काफी परेशानी हुई।
पूर्व
संध्या पर शनिवार को शाम से ही पूरे शहर में जगह-जगह परीक्षार्थियों के
झुंड नजर आने लगे थे। सुबह 11 बजे से एक बजे तक दो घंटे की परीक्षा में कुल
160 प्रश्नों पर टिक करना था।
इनमें गणित, हिंदी, सामान्य ज्ञान
और ग्रामीण परिवेश पर 40-40 प्रश्न पूछे गए थे। लेखपाल बनने के लिए पीएचडी
धारक भी मशक्कत कर रहे हैं।
ललितपुर से परीक्षा देने आए अंकित अग्रवाल ने इसी साल समाजशास्त्र से पीएचडी डिग्री हासिल की है। साथ ही बीएड और टीईटी भी किए है।
उसने
बताया कि न जाने के लिए पदों के लिए आवेदन कर चुका है। कहीं नौकरी नहीं लग
रही। बेरोजगारी से आर्थिक तंगी है। ओवरएज होने का भी खतरा मंडरा रहा है।
ऐसे में उसे लेखपाल की नौकरी भी मंजूर है।
झांसी से परीक्षा देने आए
जगत सिंह एलएलबी कर रहे हैं। लेकिन वकालत से पहले ही लेखपाल की नौकरी की
चाहत उमड़ पड़ी है। कहा कि लेखपाल का पद स्थाई और सरकारी है।
इसी
तरह जालौन से आईं शिवानी गौतम एमए फाइनल की छात्रा हैं। इन सभी
परीक्षार्थियों ने बताया कि प्रश्न पत्र में एसएससी स्तर के प्रश्न पूछे गए
थे। लेखपाल जैसे पद के लिए जटिल और कठिन प्रश्न पूछे गए।
बबेरू
प्रतिनिधि के मुताबिक कस्बे के जेपी शर्मा इंटर कालेज में 960 में 35,
विद्या मंदिर इंटर कालेज में 400 में 183, महर्षि कन्या इंटर कालेज में 720
में 339 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।
अतर्रा प्रतिनिधि के मुताबिक
एचआईसी में प्रधानाचार्य डा.विनोद की देखरेख में परीक्षा हुईं। एक हजार में
698 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। ब्रह्म विज्ञान इंटर कालेज में
प्रधानाचार्य आनंद सिंह की देखरेख में 125 ने परीक्षा दी।
यहां
600 में 375 परीक्षार्थी गैरहाजिर रहे। सरस्वती इंटर कॉलेज में 500 में
351 अनुपस्थित रहे। डिग्री कॉलेज में एक हजार में 700 परीक्षार्थी ने
परीक्षा छोड़ी। स्टेटिक मजिस्ट्रेट ने परीक्षा की निगरानी की।