बबेरू। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा
कराई गई लेखपाल भर्ती परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक हो जाने का आरोप लगा
अभ्यर्थियों ने हंगामा किया।
ये इस बात पर भी खफा थे कि आंसरशीट
प्रश्नपत्र से पहले नहीं दी गई। इसमेें कोड नंबर में भी गड़बड़ी थी।
महिला-पुरुष अभ्यर्थियों ने केंद्र के बाहर प्रदर्शन किया और प्रश्नपत्र
फाड़ फेंके। पुलिस ने चार छात्रों को हिरासत में ले लिया।
यहां
सनराइज पब्लिक आवासीय इंटर कालेज को लेखपाल भर्ती परीक्षा केंद्र बनाया गया
था। यहां 500 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। 11 बजे अभ्यर्थी अपने कक्षों में पहुंच
गए।
इनका कहना है कि 11:30 बजे उन्हें एक साथ प्रश्नपत्र और
आंसरशीट दी गई, जबकि आंसरशीट कुछ पहले दी जाती है। छात्रों का गुस्सा इस पर
भी फूटा कि प्रश्नपत्र का लिफाफा खुला हुआ था। इससे पेपर लीक होने की पूरी
आशंका है।
आंसरशीट में दर्ज कोड नंबर में भी गड़बड़ी थी। भड़के
अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र के बाहर निकल आए और नारेबाजी लगाना शुरू कर दिए।
कई प्रश्न पत्र और आंसरशीट फाड़ डालीं।
एसडीएम सुरेंद्र प्रसाद
यादव ने अभ्यर्थियों को यह कहकर मनाने की कोशिश कि वे परीक्षा दें उन्हें
अतिरिक्त समय दिया जाएगा पर अभ्यर्थी नहीं माने।
इसी बीच बांदा से
सिटी मजिस्ट्रेट आरके श्रीवास्तव और डीआईओएस हिफजुर्रहमान तथा अधीनस्थ सेवा
चयन आयोग के पर्यवेक्षक दिनेशचंद्र आ गए।
छात्रों ने विद्यालय
प्रबंधन पर पेपर लीक करने और अव्यवस्थाओं के आरोपों की झड़ी लगा दी। इस बीच
गिने-चुने अभ्यर्थियों ने ही परीक्षा दी और ज्यादातर ने हंगामा में शामिल
होकर परीक्षा का बायकाट कर दिया।
बड़ी संख्या में पुलिस बल बुला
लिया गया। कुछ छात्रों को पुलिस ने हिरासत में भी ले लिया। उधर, परीक्षा
केंद्र के स्टेटिक मजिस्ट्रेट देवेंद्र सिंह ने पेपर लीक होने या किसी तरह
की गड़बड़ी के आरोपों को गलत बताया।
सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि
आंसरशीट के क्रमांक में गड़बड़ी से छात्रों ने हंगामा किया। उन्होंने कहा
कि आयोग को पूरी घटना की रिपोर्ट भेज दी गई है। आयोग के जो भी आदेश आएंगे
वैसा किया जाएगा।