बांदा। विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर शनिवार को फार्मासिस्टों की महत्वपूर्ण भूमिकाएं और उनके कार्य बताए गए।
महिला जिला अस्पताल में डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन द्वारा आयोजित समारोह में चीफ फार्मासिस्ट वीरेंद्र सिंह ने बताया कि दिवस की शुरुआत वर्ष 2009 में तुर्की से हुई थी।
फार्मासिस्ट का मतलब नियमित कर्त्तव्य पालक और जनहित में समर्पित होता है। अध्यक्षता कर रहे जेएल राजपूत ने कहा कि दवा बनाने से वितरण तक फार्मासिस्ट करते हैं। उनके बगैर चिकित्सा व्यवस्था की कल्पना नहीं की जा सकती। संचालन चीफ फार्मासिस्ट एसपी त्रिपाठी ने किया।
पीएन सचान, एसके तिवारी, एसएन गुप्ता, संजीव कुमार गुप्ता, शत्रुघन सिंह, प्रतीक जायसवाल, चंद्र किशोर यादव, भुवनेश सिंह, गंगाराम प्रजापति संदीप कुशवाहा, आलोक कुमार, आर्कष, शुभम, रजत वर्मा आदि शामिल रहे।