फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बांदाः निजी अस्पतालों को अनुमति का मुद्दा स्वास्थ्य मंत्री तक पहुंचा

विज्ञापन
विज्ञापन
बांदा लॉकडाउन के दौरान निजी अस्पतालों को इलाज की अनुमति देने के लिए शासन द्वारा पिछले माह जारी किए गए निर्देशों पर मंडल मुख्यालय में अब तक अमल नहीं हुआ। शनिवार को यह मामला प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह तक पहुंच गया। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और मौजूदा एमएलसी नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने स्वास्थ्य मंत्री से बांदा में निजी अस्पतालों को निर्धारित मानक और शर्तों के अनुसार शीघ्र अनुमति देने का अनुरोध किया। मंत्री ने तत्काल कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
विज्ञापन

लॉकडाउन के बाद सभी निजी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं बंद हो गई थीं। यह अभी भी बंद हैं। मरीजों को काफी दुश्वारियां हो रही हैं। प्रदेश के प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने 28 अप्रैल को लखनऊ में घोषणा की थी कि 30 अप्रैल तक जनपदों में चिह्नित अस्पतालों में इमर्जेंसी इलाज की सुविधा शुरू हो जाएगी।
इसी क्रम में बांदा से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने चार निजी अस्पतालों की जांच-पड़ताल के बाद इन्हें आपातकालीन सेवाएं पुन: चालू करने की संस्तुति करते हुए प्रदेश के स्वास्थ्य महानिदेशक को संस्तुति भेज दी थी। बताते हैं कि महानिदेशक ने मुख्यालय के छह निजी अस्पतालों को अनुमति देने की हरी झंडी दे दी है।
विज्ञापन

महानिदेशक से हरी झंडी मिलने के बाद भी अब तक किसी भी निजी अस्पताल को अनुमति नहीं मिली है। बल्कि हॉटस्पॉट एरिया का हवाला देकर तीन दिन पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट ने मौके पर जाकर अलीगंज स्थित नर्सिंगहोम को भी बंद करा दिया। बड़ी संख्या में मरीज भटक रहे हैं। जिला अस्पताल में रोजाना महानगरों से लौट रहे मजदूरों की थर्मल स्क्रीनिंग और जांच हो रही है। ऐसे में शहर के मरीज के वहां जाने में संक्रमण के डर से हिचकिचा रहे हैं।
शनिवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री एमएलसी नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने बताया कि उन्होंने अपने गृह जनपद की इस स्थिति के बारे में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह से वार्ता की है। निजी अस्पतालों को मानक और शर्तों के मुताबिक अब तक अनुमति न मिलने की जानकारी दी है।
सिद्दीकी ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री ने हैरत जताई कि जब शासन/महानिदेशक स्तर से स्वीकृति भेजी जा चुकी है तो जिला स्तर पर यह कैसे रुकी है? मंत्री ने कहा कि इस बारे में पता करके कार्रवाई करेंगे। उधर, इस बाबत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. संतोष कुमार ने बताया कि महानिदेशक से स्वीकृत छह निजी अस्पतालों को अनुमति देने संबंधी पत्रावली जिलाधिकारी को भेज दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें