सम्मान समारोह में उपस्थित न्यायिक अधिकारी और अधिवक्ता।
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बांदा। जनपद न्यायाधीश भूपेंद्र सहाय ने कहा है कि अधिवक्ता ईमानदारी से अपनी बात अदालत मेें पेश करें। हमें यह ख्याल रखना है कि वादकारी का हित सर्वोपरि है। तभी अच्छे नतीजे आएंगे। बुधवार को यहां जिला अधिवक्ता संघ सभागार में संघ ने जिला जज समेत कई नवागंतुक न्यायाधीशों के सम्मान में समारोह आयोजित किया।
जनपद न्यायाधीश ने अधिवक्ताओं को भरोसा दिलाया कि वह सेवक की तरह मुकदमों का निस्तारण करेंगे। उन्होंने कहा कि निस्तारण में सभी के सहयोग की भूमिका अहम है। वादकारियों का हित नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। जिला जज ने कहा कि अनावश्यक एनवीडब्ल्यू (गैर जमानती वारंट) जारी नहीं करते। उनकी कोशिश होती है कि वादकारी को अनावश्यक में दंड न मिले। बल्कि उसे समय से न्याय मिले।
विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) धर्मेंद्र प्रताप नारायण सिंह ने राम की तपो भूमि चित्रकूट और कालिंजर दुर्ग का महत्व बताते हुए कहा कि न्याय देने में वह किसी तरह की कोताही नहीं करेंगे। जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में डीजे सहित अन्य सभी नवागंतुक न्यायाधीशोें का संघ की ओर से अभिनंदन किया और समारोह मेें शिरकत के लिए आभार जताया।
वरिष्ठ अधिवक्ता शंकर सिंह गौतम, बृजराज सिंह परिहार, अशोक दीक्षित, रामस्वरूप सिंह, रामकृष्ण त्रिपाठी और समारोह का संचालन कर रहे बार सचिव मेदिनी कुमार वाजपेई ने भी संबोधित किया। समारोह में न्यायिक अधिकारी नरेंद्र कुमार झा, सुनील कुमार श्रीवास्तव, राजेश कुमार, तबरेज अहमद, मोहम्मद अहमद, अमित यादव, रुचि तिवारी, शाम कुमार, अरुण कुमार मल्ल सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल रहे।