बांदा। बिसंडा क्षेत्र पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं सामने आई हैं। एक ही सप्लायर को दो वर्षों में छह करोड़ रुपये से अधिक की आपूर्ति का भुगतान किया गया है। इससे भी गंभीर बात यह है कि विकास कार्यों में लगे मजदूरों की मजदूरी के रूप में दो करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे सप्लायर के खाते में भेज दी गई, जबकि यह राशि मजदूरों के खातों में जानी चाहिए थी। जांच में पता चला है कि एक ही मजदूर के नाम पर कई बार मजदूरी का भुगतान किया गया है, जो इस भ्रष्टाचार में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत की ओर इशारा करता है।
इस घोटाले की एक और बानगी यह है कि पूर्व में तीन महीने के लिए प्रभारी बीडीओ रहे राहुल द्विवेदी के कार्यकाल की बोर्ड बैठकों को ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर कई वित्तीय वर्षों में दर्शाया गया है। जबकि वे वित्तीय वर्ष 2022-23 और 2023-24 में बिसंडा ब्लॉक के प्रभारी थे ही नहीं। इन वर्षों में कोई बोर्ड बैठक भी नहीं हुई। फर्जी कार्ययोजनाओं का खुलासा न हो इसके लिए पोर्टल पर कार्ययोजना के सादे पेज अपलोड कर दिए गए। विडंबना यह है कि जिन वर्षों में विकास कार्यों के लिए टेंडर निकाले गए, उस वर्ष की कार्ययोजना में इन कामों का उल्लेख तक नहीं था। मनमाने ढंग से फर्जी कार्य योजनाएं तैयार कर अपने चहेते सप्लायर को कार्य आवंटित किए गए।
इस गंभीर वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार की शिकायत जिलाधिकारी से की गई है। जिलाधिकारी ने बताया कि जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि वे तीन सदस्यीय समिति गठित कर इस पूरे मामले की गहन जांच करें और दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें।
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बिना कार्य के हुआ भुगतान
1-कैरी गांव में रामस्वरूप के मकान से एमए की ओर जाने वाली सीसी रोड।
2-लौली टीकामऊ में मेन रोड से विनोद के प्लाट को जाने वाली सीसी रोड।
3-लौली टीकामऊ में राधाकृष्ण मंदिर में गेट व नवाब के घर से सीसी रोड।
4- गडांव के उसरीपुरवा में सर्विस रोड से विद्यालय तक सीसी रोड का निर्माण।
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केस - एक
बिसंडा ब्लाक के कैरी निवासी शशांक पटेल ने बताया कि उनके गांव में रामस्वरूप के मकान से मेन रोड की ओर सीसी रोड का निर्माण के नाम पर 10 लाख रुपये क्षेत्र पंचायत से भुगतान किया गया हैं। जबकि उनके गांव में अभी तक सड़क नहीं बनी है। क्षेत्र पंचायत जहां सीसी रोड बनाने का दावा कर रहा है वहां आज भी कच्चा रास्ता है।
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केस - दो
क्षेत्र पंचायत में सामग्री आपूर्तिकर्ता अभिषेक शिवहरे ने बताया कि बिसंडा ब्लाक के गंडाव के उसरीपुरवा में सर्विस रोड से विद्यालय की ओर सीसी निर्माण कार्य स्वीकृत हुआ था। सामग्री आपूर्ति का कार्य उन्हें मिला था लेकिन क्षेत्र पंचायत ने सामग्री नहीं ली और मेरी फर्म के जाली पेपर तैयार कर भुगतान दूसरे व्यक्ति को कर दिया।
ग्रामीणों ने की जांच की मांग
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से बिसंडा ब्लाक में वित्तीय वर्ष 2024-25 व 2025-26 में 15 वें वित्त, पंचम वित्त से कराए गए विकास कार्यों की तकनीकी व भौतिक जांच कराई जाए। साथ ही बिना बोर्ड बैठक के तैयार की गई फर्जी कार्य योजना की भी जांच हो। बोर्ड की बैठक किस अधिकारी की मौजूदगी में कराई गई। जिस अधिकारी को बोर्ड की बैठक में मौजूद दिखाया गया है वह मात्र तीन माह ही ब्लाक में रहा।