इलाहाबाद-झांसी पैसेंजर ट्रेन के ब्रेक फेल होने की घटना ने रेलवे अधिकारियों को चौकन्ना कर दिया है। घटना की जांच करने आए झांसी मंडल कार्यालय के अभियंता (यांत्रिक )एससी निरंजन और संरक्षा अधिकारी अखिलेश कुमार ने आदेश जारी किया कि ट्रेन के इंजन या छत पर यात्री सवार हों तो गाड़ी हरगिज न बढ़ाई जाए।
अफसरों को बताया गया कि ब्रेक फेल होने की वजह हौज पाइप का कटना रहा। यह यात्रियों द्वारा दो बोगियों के बीच में बैठने के कारण हुआ। बोगियों में भीड़ देख लोग हौज पाइप के सहारे बोगी की छत पर चढ़ जाते हैं।
बता दें कि मंगलवार की दोपहर इलाहाबाद-झांसी पैसेंजर ट्रेन के ब्रेक फेल हो गए थे। ट्रेन बांदा स्टेशन से निर्धारित से चार गुना रफ्तार से निकल गई थी। ट्रेन को रोकने के लिए गार्ड ने अपनी बोगी से इमरजेंसी ब्रेक लगाए, जिससे ट्रेन झटके के साथ रुक तो गई लेकिन एक यात्री नीचे गिर पड़ा।
ट्रेन के चक्कों की चपेट में आकर उसका पैर कट गया। वहीं रफ्तार से गुजरी ट्रेन को देख प्लेटफार्म पर मची भगदड़ में पांच लोग चुटहिल हो गए थे। सूचना पर रेलवे के झांसी मंडल कार्यालय के अभियंता (यांत्रिक) एससी निरंजन और संरक्षा अधिकारी अखिलेश कुमार बांदा रेलवे स्टेशन जांच करने पहुंचे।
आते ही सबसे पहले उन्होंने निर्देश दिया कि ट्रेन के इंजन या छत पर यात्री सवार होने की दशा में गाड़ी न चलाई जाए। एक-एक यात्री जब तक इंजन और छत से उतर न जाएं तब तक ट्रेन रवाना की जाए।
दोनों रेलवे अधिकारियों ने इस निर्देश का कड़ाई से पालन करने को कहा। क्रू नियंत्रक सुरक्षा के प्रति संतुष्ट होने के बाद ही ट्रेन को रवाना होने दें।
स्टेशन प्रबंधक एसपी पटेल, यातायात निरीक्षक पीके सिंह और लोको निरीक्षक (एलआई) सुनील ने संयुक्त हस्ताक्षरों से झांसी और इलाहाबाद रेल मुख्यालयों को घटना की जांच रिपोर्ट भेज दी गई है। जांच रिपोर्ट में अमावस्या मेले के चलते यात्रियों की भीड़ से ट्रेन का हौज पाइप कटना बताया गया है। इसमें किसी रेलकर्मी की गलती नहीं है।