बांदा। वीरांगना रानी दुर्गावती की जयंती पर समारोह आयोजित
किया गया। इस मौके पर मांग की गई कि रानी की प्रतिमा संसद भवन में स्थापित
की जाए। बांदा शहर में वीरांगना के नाम पर स्मृति द्वारा बनाने का भी
संकल्प लिया गया।
सोमवार को सारंग सभागार में आयोजित समारोह में
पूर्व मंत्री जमुना प्रसाद बोस ने कहा कि रानी दुर्गावती की शोहरत वीरांगना
के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर है। इसलिए उनकी प्रतिमा दिल्ली स्थित संसद
भवन परिसर में लगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सांसदों के सहयोग से यह काम
पूरा कराया जाएगा।
दुर्गावती स्मारक समिति संयोजक बीडी गुप्ता ने
कहा कि भारतीय इतिहास और चंदेल वंश के प्रतापी नरेश कीर्ति सिंह की बेटी
रानी दुर्गावती का जन्म कालिंजर दुर्ग में हुआ था। उनकी याद में कालिंजर और
बांदा शहर सहित संसद भवन में प्रतिमा लगाई जानी चाहिए।
सपा नेत्री
अमिता वाजपेई ने बांदा शहर मेें रानी दुर्गावती की स्मृति में द्वार
निर्माण की राय दी। कहा कि इस काम में वह खुद सहयोग करेंगी और प्रदेश सरकार
से भी मदद लेंगी।
समारोह की अध्यक्षता कर रहे समाजसेवी बसंतलाल
सर्राफ ने कहा कि वह सांसद भैरो प्रसाद मिश्र और समिति के लोगों के साथ
लोकसभा अध्यक्ष से मिलकर संसद भवन में प्रतिमा लगवाने का अनुरोध करेंगे।
समारोह
मेें डा. चंद्रिका प्रसाद दीक्षित ललित, डा. गया प्रसाद तिवारी, कृषि
विश्वविद्यालय कुलसचिव देवीदास, पूर्व प्रधानाचार्य बाबूलाल गुप्त, कवि
जवाहरलाल जलज, कृष्ण गोपाल गौतम, सौरल बाबी, दीनदयाल सोनी, सूर्य प्रकाश
मिश्र, उमाशंकर पांडेय, ओम प्रकाश मसुरहा ने भी विचार व्यक्त किए।