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अमेरिका में रह रहे बेटों की सुरक्षा को अभिभावक चिंतित

Mon, 27 Feb 2017 12:11 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा
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विराग के पिता ओम प्रकाश व मां रमाकांती। - फोटो : amarujala
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अमेरिका के कन्सास में भारतीय इंजीनियर की हत्या के बाद यहां माता-पिता समेत अन्य परिजन प्रवासी बेटों की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं। अभिभावकों ने प्रधानमंत्री समेत विदेश मंत्री से प्रवासी भारतीयों की पुख्ता सुरक्षा की मांग की है। साथ ही नस्लीय घटना की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए भारत और अमेरिका को कारगर कदम उठाने की भी सलाह दी।
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दो दिन पूर्व एक अमेरिकी नागरिक ने मामूली विवाद में भारतीय मूल के एक इंजीनियर की हत्या कर दी। बचाव में आए दो अन्य साथी इंजीनियरों को भी गोली लगी। ट्रंप प्रशासन में हुई नस्लीय हत्या की गूंज पूरे विश्व में सुनाई दी। अमेरिकी सांसदों ने भी भारतीय की हत्या का विरोध जताया गया। फिर भी इस घटना को लेकर अपने प्रवासी बेटों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक चितिंत हो गए हैं।

खुटला निवासी संतोष मसुरहा, ओमप्रकाश मसुरहा और भरत मसुरहा के तीन पुत्र व बहुएं अमेरिका में अलग-अलग स्थानों पर उच्च पद में आसीन हैं। ओमप्रकाश के पुत्र विराग मसुरहा 1999 में अमेरिका गए थे। वर्तमान में वह अमेरिका के पीएनएस बैंक में सीनियर वाइस प्रेसीडेंट हैं। उनकी पत्नी अर्पणा भी अमेरिका के एक अस्पताल में फीजियोथेरेपिस्ट हैं। दोनों अमेरिका पिट्सबर्ग में रहते हैं। ओमप्रकाश मसुरहा के पुत्र विनीत मसुरहा लांस एंजिल्स में पर्यावरण विभाग में निदेशक पद पर तैनात हैं।
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पत्नी मीता साफ्टवेयर इंजीनियर हैं। जबकि भरत मसुरहा के पुत्र आनंद और उनकी पत्नी शेफाली अमेरिका के ह्यूस्टन सिटी में रहते हैं। आनंद पर्यावरण विभाग में सलाहकार हैं। जबकि पत्नी साफ्टवेयर इंजीनियर है। विराग, विनीत और आनंद 14 साल से अमेरिका में रह रहे हैं। अमेरिका में इंजीनियर की हत्या के बाद से यहां खुटला मोहल्ले में रहने वाले उनके मां और पिता समेत अन्य परिजन सुरक्षा को लेकर चिंतित हो गए हैं। तीनों ने घटना के बाद पुत्रों से फोन पर बातचीत कर हालचाल लिया।

संतोष मसुरहा, ओमप्रकाश मसुरहा और भरत मसुरहा का कहना है कि घटना के बाद से उन्हें पुत्रों की सुरक्षा की चिंता सता रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को अमेरिकी राष्ट्रपति से मुलाकात कर भारतीयों की सुरक्षा का वचन लेना चाहिए। भारतीयों पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। उधर, स्वराज कालोनी निवासी संजय सोनी भी 2016 से अमेरिका के न्यू जर्सी शहर में इंजीनियर हैं।

पिता आरके स्वर्णकार और मां रजनी सोनी ने बताया कि कंसास की घटना के बाद उन्होंने तुरंत बेटे से मोबाइल पर बात की और हालचाल लिया। नस्लीय घटना बेहद शर्मनाक है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए इसके लिए भारत और अमेरिका को कारगर कदम उठाने चाहिए।
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