बांदा। सास-ससुर के साथ फसल कतराई कर रही महिला की धोती का पल्लू हवा से थ्रेसर की धुरी में फंस जाने से वह छह पटकनी खाकर धुरी में फंस गई। परिजनों ने थ्रेसर बंद कर उसे लहूलुहान हालत में बाहर निकाला। कानपुर ले जाते समय उसकी रास्ते में मौत हो गई।
मरका थाना क्षेत्र के कलाना गांव के शिवलहा डेरा निवासी गया प्रसाद ने बताया कि गुरुवार की देर शाम वह खेत में गेहूं की फसल की कतराई करा रहे थे। थ्रेसर से जुड़ी ट्रॉली में उनकी बहू सोमवती (25) गेहूं की लॉक को डाल रही थी। हवा चलने से उसकी धोती का पल्लू थ्रेसर और ट्रॉली के बीच लगी धुरी में फंस गया। इससे वह छह पटकनी खाकर धुरी में लिपटकर लहूलुहान हो गई।
परिजनों ने देखा तो तुरंत थ्रेसर बंद कर उसे गंभीर हालत में बाहर निकाला। परिजन उसे लेकर पहले बबेरू सीएचसी पहुंचे। वहां से डॉक्टरों ने उसे बांदा जिला अस्पताल के लिए रेफर किया। जिला अस्पताल लेकर आए तो डॉक्टरों ने हालत गंभीर देख मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया। देर रात मेडिकल कॉलेज से भी डॉक्टरों ने उसे रेफर कर दिया। परिजन उसे कानपुर ले जा रहे थे। रास्ते में उसने दम तोड़ दिया।
ससुर ने बताया के सोमवती का पति विमलेश अहमदाबाद में रहकर मजदूरी करता है। वह आ रहा है। सोमवती के एक पुत्र दो पुत्रियां हैं। मरका थाना इंस्पेक्टर मिथलेश सिंह ने बताया कि थ्रेसर में पल्लू फंसने से हादसा हुआ है।