ओवरलोडिंग और अवैध परिवहन के विरोध में बुंदेलखंड ट्रक एसोसिएशन ने मोर्चा खोल दिया है। एक दिवसीय सांकेतिक भूख हड़ताल की। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में ओवरलोड को दंडनीय अपराध श्रेणी में लाने की मांग की गई। बेंदा घाट व चिल्ला घाट यमुना पुल में खनिज चेक पोस्ट स्थापित करने पर जोर दिया।
सोमवार को अशोक लाट में आयोजित सांकेतिक भूख हड़ताल में कार्यवाहक उपाध्यक्ष निर्भय सिंह मोंटी बैठे। अनशन स्थल पर हुई सभा में ट्रक संचालकों ने ओवरलोडिंग और अवैध परिवहन पर जमकर बरसे।
आरोप लगाया कि परिवहन अधिकारी और पुलिस से मिलीभगत कर कुछ ट्रांसपोर्टर निर्धारित क्षमता से ज्यादा ट्रकों में बालू/गिट्टी लोड करा रहे हैं। ओवरलोडिंग के खिलाफ मुख्यमंत्री के आदेशों को हवा में उड़ाया जा रहा है।
लोडिंग में असमानता होने से ट्रक मालिकों को नुकसान हो रहा है। डीएम को दिए ज्ञापन में कहा गया कि बिना एमएम-11 के बालू, गिट्टी ढोने वाले ट्रकों व लोडिंग करने वाले पट्टाधारकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाए।
साथ ही उनके लाइसेंस निरस्त हों। ओवरलोडिंग पर बालू व क्रेशर पट्टाधारक भी जिम्मेदार माने जाएं। ओवरलोड ट्रकों व इसके लिए जिम्मेदार कंपनियों पर दि प्रिवेंशन ऑफ डैमेज टू प्रापर्टी एक्ट 1984 के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाए।
रोष जताया कि कई बार ओवरलोडिंग के खिलाफ ज्ञापन दिया गया, लेकिन प्रशासन स्तर पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। सभा व ज्ञापन में अध्यक्ष शिवकरन सिंह, जयराम सिंह (बछेउरा), जय सिंह कछवाह, उमेश दीक्षित, प्रमोद कुमार, शिवनंदन सिंह, वीरू सिंह, छंगा सिंह, यादवेंद्र कुमार, रामसनेही सिंह चौहान, धर्मेंद्र सिंह, अंशुमान सिंह, राजीव सिंह, पंजाब सिंह, संजय सिंह, कल्लू सिंह, रामभूषण, रामजी गुप्ता, देवीदीन गुप्ता, राजेश तिवारी आदि मौजूद रहे।