बांदा। ग्रामीणों द्वारा अपने खर्च से संचालित की जा रही गौशाला में चारे और भूसे के अभाव में एक गाय की मौत हो गई।
सूखे
के संकट से जूझ रहे ग्रामीणों ने गायों को चारा-भूसा उपलब्ध कराने में हाथ
खड़े कर दिए हैं। गायों को रिहा करने पर खेती सफाचट होने का खतरा है।
सदर
तहसील के पचनेही गांव में अन्ना गायों से परेशान ग्रामीणों ने पिछले वर्ष
जुलाई में अपने खर्च से घेराबंदी कर गौशाला बनाई थी। इसमें लगभग सौ गायें
हैं।
ग्रामीण चंदा जुटाकर इनके चारा-भूसा आदि का इंतजाम करते रहे।
अब खुद संकट से जूझ रहे ग्रामीणों ने गायों की परवरिश से हाथ खड़े कर दिए
हैं।
ग्रामीणों ने कई बार मुख्य पशु चिकित्साधिकारी और पशुधन
अधिकारी को सूचना दी, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। देखरेख के अभाव और
पर्याप्त चारा-भूसा न मिलने से शुक्रवार की रात एक गाय की मौत हो गई।
गौसेवा
समिति के शैलेंद्र सिंह शैलू, डा.जगदीश, मेवलाल गौतम, ज्ञानबाबू तिवारी और
दिनेश सिंह आदि ने सामूहिक हस्ताक्षरों से दिए पत्र में कहा है कि अब
गायों के चारा-भूसा आदि की व्यवस्था प्रशासन करे। वरना और गायों की भी मौत
हो सकती है।