बांदा। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) में अब तक 78 फीसद डिजिटलाइजेशन का काम पूरा हो गया है। जिसमें एक लाख से अधिक मृतक, डुप्लीकेट व घरों में न मिलने वाले वोटरों के नाम मतदाता सूची से काट दिए गए। 20 हजार से अधिक वोटरों ऐसे है जो दो जगह से मतदाता हैं उनसे एक स्थान से नाम काटने के लिए सहमति मांगी गई है लेकिन ऐसे मतदाता असमंजस में हैं कि वह नाम शहर से कटवाए या गांव से।
निर्वाचन आयोग ने विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के डिजिटलाइजेशन का मियाद 11 दिसंबर निर्धारित है। जिला निर्वाचन विभाग का कहना है कि एसआईआर में आवेदन प्राप्त करने का काम लगभग 95 फीसद पूरा हो गया है। गणना प्रपत्रों के डिजिटलाइजेशन का काम भी 78 फीसद पूरा हो गया है। जिले में 2005 की मतदाता सूची के आधार पर 13,49,521 थी लेकिन विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के दौरान जिले में एक लाख तीन हजार मृतक, डुप्लीकेट, घरों में न मिलने वाले वोटरों के नाम मतदाता सूची से काट दिए गए हैं।
निर्वाचन विभाग के अनुसार 20 हजार वोटर ऐसे मिले है जिनके नाम शहर व गांव दोनों में हैं। उनसे सहमति मांगी गई है लेकिन यह मतदाता असंजस में हैं कि वह कहां से नाम कटवाए। शहर से नाम कटवाते हैं तो वह शहरी योजनाओं से वंचित हो जाएंगे। गांव से कटवाते हैं तो कहीं जमीन जायदाद में कोई अड़चन न आ जाए।
इनसेट-
जिले में विधानसभावार डिजिटलाइजेशन के दौरान कटे नाम
विधानसभा मतदाता डिजिटलाइजेशन कटे नाम
तिंदवारी-232 326823 268148 18000
बबेरू-233 347882 260270 27500
नरैनी-234 355452 278242 26800
बांदा-235 319364 247932 28000
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केस-1 महोखर के रामसनेही का कहना है कि वह दो दशक से बांदा में रह रहे हैं। उनका नाम बांदा व गांव दोनों में है। हालांकि वह वोट एक ही जगह डालते हैं लेकिन अब एक जगह से नाम कटना है। असमंजस में हैं कि आखिर कहां से कटवाए। शहर से या गांव से।
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केस-
महुआ के शिवकुमार का कहना है कि 30 साल से बांदा में रह रहे हैं। बच्चे भी यहीं पढ़ रहे हैं। निवास प्रमाणपत्र भी यहीं का बना है। गांव में जमीन जायदाद है। शहर से नाम कटवाते है तो दिक्कत ही दिक्कत है। गांव से कटवाने में जमीन में कोई अड़चन न आ जाए।
फार्म-6 भरे जुड़ जाएगा नई बहू का नाम
सहायक निर्वाचन अधिकारी टीसी राजौरिया का कहना है कि लोगों में अफवाह है कि नए नाम सूची में शामिल नहीं होंगे। ऐसा नहीं है फार्म-6 भरें तो नई बहू हो या 18 साल की उम्र पूरी कर चुके युवा हो नाम सूची में चढ़ जाएगा।
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एक जगह से कटवाए नाम, नहीं होगी परेशानी
तहसीलदार राधे श्याम का कहना है कि शहर हो या गांव किसी एक जगह से नाम कटवा लें। न शहर के काम बिगडे़ंगे और न गांव की जमीन जायदाद में कोई अड़चन आएगी। मतदाता कहीं पर भी बना जा सकता है।
वर्जन-
आयोग की मियाद के अनुसार डिजिटलाइजेशन का काम पूरा कर लिया जाएगा। दो जगह जिनके नाम हैं वह स्वेच्छा से एक जगह से नाम काटने की सहमति दे दें अन्यथा बीएलओ एक जगह से नाम काट देंगे।
कुमार धर्मेद्र उप जिला निर्वाचन अधिकारी